दिल्ली के शकरपुर थाने में मंगलवार रात पुलिस हिरासत में सुशील कुमार गहलोत (52) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पत्नी से मारपीट करने के आरोप में मूलत: गांव-सुभानपुर, मंडोला, बागपत निवासी सुशील को मंगलवार दोपहर को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का कहना है कि सुशील ने कच्छे (अंडरवियर) के नाड़े से फांसी लगाकर जान दे दी। वहीं परिवार ने पुलिस पर पिटाई करने का आरोप लगाया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं। बुधवार को मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में मजिस्ट्रेट के सामने मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। इसकी वीडियोग्राफी भी करवाई गई। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई होगी। वहीं थाने में हवालात के बाहर तैनात संतरी विवेक को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, सुशील एस-272, स्कूल ब्लॉक शकरपुर में रहता था। उसका अक्सर पत्नी ऊषा से छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा होता था। मंगलवार को हुए झगड़े में सुशील ने पत्नी का सिर फोड़ दिया। पुलिस ने ऊषा का मेडिकल कराकर सुशील को मारपीट कर शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
रात करीब 9:00 बजे सुशील का बड़ा बेटा मानव (26) खाना लेकर लेकर थाने आया। खाना खिलाने के बाद बुधवार को जमानत कराने की बात कहकर करीब 9:45 बजे वह चला गया। इस बीच करीब 10:15 बजे बीट कांस्टेबल घर आया और बताया कि सुशील थाने में हंगामा कर रहा है। परिवार थाने पहुंचा तो उन्हें वहां दूसरी कहानी पता लगी। मृतक के छोटे बेटे सावन (21) का कहना था कि उसके पिता फांसी नहीं लगा सकते हैं। पुलिस की पिटाई से उनकी मौत हुई है। वारदात के बाद पुलिस ने परिवार को शव भी नहीं दिखाया है।
सुशील ने अंडरवियर के नाड़े से फांसी लगाई है। मजिस्ट्रेट मामले की जांच कर रहे हैं। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया गया है, जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - संजय बेनीवाल, संयुक्त आयुक्त, पूर्वी रेंज