योग गुरु बाबा रामदेव यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में उद्योग लगा सकते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय खोलने की भी इच्छा जाहिर की है। उन्हें करीब डेढ़ सौ एकड़ जमीन की दरकार है। हाल ही में यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह व बाबा रामदेव की मुलाकात हुई। इसमें योग गुरु ने यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में उद्योग लगाने की मंशा जाहिर की।
साथ ही एक विश्वविद्यालय खोलने की इच्छा व्यक्त की। इन दोनों परियोजनाओं के लिए बाबा रामदेव को करीब डेढ़ सौ एकड़ जमीन चाहिए। उद्योग के लिए करीब 100 एकड़ और विश्वविद्यालय के लिए 50 एकड़ जमीन चाहिए। इसमें पतंजलि के उत्पादों का प्लांट लगाने की योजना है।
प्राधिकरण ने बाबा के मौखिक प्रस्ताव पर भी जमीन उपलब्ध कराने की हामी भर दी है। अब औपचारिक प्रस्ताव का इंतजार है। प्रस्ताव मिलते ही जमीन की तलाश पूरी कर दी जाएगी। यह जमीन जेवर एयरपोर्ट के आसपास दी जा सकती है। इसके अलावा प्राधिकरण के पास सेक्टर-29 में प्लॉट उपलब्ध हैं। जमीन देखने के लिए बहुत जल्द आचार्य बालकृष्ण यमुना प्राधिकरण आ सकते हैं। बृहस्पतिवार को भी संभावना थी, लेकिन नहीं पहुंचे।
बता दें, कि बीते दिनों बाबा रामदेव ने दिल्ली में प्रेसवाता के दौरान भी एनसीआर में विश्वविद्यालय खोलने की मंशा जाहिर की थी। यहां के संसाधनों और आवागमन की बेहतर कनेक्टीविटी को देखते हुए योग गुरु ने यमुना प्राधिकरण क्षेत्र को प्राथमिकता दी है।
जानकार मानते हैं कि अगर बाबा ने यमुना क्षेत्र में उद्योग लगाया तो इससे हजारों करोड़ के निवेश के द्वार खुलेंगे। हजारों बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी मिल सकेगा। पतंजलि नियमित उपयोग की सभी वस्तुएं बना रहा है। ऐसे में इसके खुलने से तमाम सपोर्टिंग उद्योग भी खुलेंगे, जिससे इस क्षेत्र का विकास होगा।