वीडियो में उन्होंने कहा कि इस्राइल और सनातनियों का शत्रु एक ही है। अभी भारत के लोग इस लड़ाई के लिए तैयार नहीं हैं, इसीलिए जो लड़ना चाहते हैं इस्राइल उन्हें अपनी लड़ाई में सम्मिलित करे। अगर इस्राइल उन्हें और उनके शिष्यों को उनकी धार्मिक आस्थाओं और मान्यताओं के साथ इस्राइल में रहने की अनुमति दे तो वो हर मोर्चे पर इस्राइल के साथ लड़ेंगे और इस 'शैतानी' विचारधारा को समाप्त करने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने वीडियो में कहा कि वो और उनके शिष्य शांति काल में इस्राइल के विकास और उन्नति के लिए कार्य करेंगे और युद्ध व आपातकाल में वो भाग लेंगे। उन्होने यह भी कहा कि हम हिन्दू हैं और हम अपनी धार्मिक आस्थाओं और मान्यताओं को कभी भी किसी पर नहीं थोपते। इसीलिए कभी भी हमारे किसी से धार्मिक विवाद होने की कोई संभावना ही नहीं है। महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज अगले हफ्ते स्वयं दिल्ली में इस्राइल के दूतावास पर जाकर अपनी बात वहां रखेंगे।