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नामी बेटियों का यह हाल देख मोदी को आ सकता है गुस्सा

Mon, 02 Feb 2015 01:31 AM IST
भोला पाण्डेय/अमर उजाला, गुड़गांव
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प्रदेश में सरकार बदल गई। सरकार की नुमाइंदगी करने वाले चेहरे बदल गए लेकिन सरकार और उनके अधिकारियों के विचार अभी भी नहीं बदले।
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‘बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ’ का नारा देनी वाली भाजपा सरकार यहां की अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ियों अनुराज, अनीसा सैय्यद व श्वेता चौधरी को ‘बेटियां’ नहीं मानतीं। ये हम नहीं बल्कि सूरजकुंड मेले में लगीं तस्वीरें बता रही हैं।

दुनियाभर में फरीदाबाद और हरियाणा का डंका बजाने वाली तीनों खिलाड़ियाें के नाम की चर्चा तक मेले में नहीं है। रविवार से सूरजकुंड मेले का आगाज हुआ।

मेले में 18 देशों के प्रतिनिधियों के अलावा हरियाणा समेत कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक कई राज्यों के शिल्पकार हिस्सा ले रहे हैं। आठ से 10 लाख दर्शकों के आने की संभावना है।
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मेला प्राधिकरण हरियाणवी रहन-सहन को दर्शाने के लिए ‘अपना घर’ बनाया है। घर में हरियाणा टूरिज्म की ओर से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का एक बोर्ड लगाया गया है।

इसमें प्रदेश की महिला खिलाड़ियों और सेलिब्रिटी को दर्शाया गया है। इनमें अंतरराष्ट्रीय शूटर अनुराज सिंह, अनीसा और श्वेता चौधरी का नाम नहीं दिखा। जबकि तीनों वर्षों से फरीदाबाद में रहती हैं और खेलों में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करती हैं।
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ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या हुड्डा सरकार की तरह भाजपा सरकार और उनके अधिकारी भी अनुराज, अनीसा और श्वेता को बेटी नहीं मानते।

इन्हें दर्शाया गया है ‘अपना घर’ में बोर्ड में
कल्पना चावला, कुश्ती खिलाड़ी गीता और बबीता, बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा, हॉकी खिलाड़ी सुरिंदर कौर, जसजीत कौर, गीता गोसाईं, ममता खरब, माउंटेनर संतोष यादव, ममता सुधा, बैडमिंटन खिलाड़ी सानिया नेहवाल, एथलेटिक्स सीमा आंतिल, अलका तोमर, वेट लिफ्टर गीता फौगाट, डांसर उषा शर्मा, मिस एशिया सृष्टि राणा व 2012 आईएएस टॉपर डॉ. स्नेहा अग्रवाल।

इस बारे में अभी जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो पर्यटन विभाग के अधिकारियों से बातकर इस कमी को दूर कराएंगे।
-डॉ. आदित्य दहिया, प्रशासक सूरजकुंड मेला प्राधिकरण
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