पुलिस के मुताबिक, मूलत: दिल्ली के नागलोई निवासी रीना अपने दो छोटे बच्चों के साथ इलाके में रहती थी। ब्रेन ट्यूमर से उसके पति रवि की कई साल पहले मौत हो गई है। बच्चों का गुजारा करने के लिए वह इलाके में ही रेहड़ी पर सब्जी बेचती थी। बृहस्पतिवार को उसे मेरठ के बागपत रोड स्थित सूरत सिनेमा के पास अपने भांजे की शादी में शामिल होने के लिए थाना था। दोपहर नांगलोई स्टेशन से ग्रीन लाइन की मेट्रो पकड़ी थी। इंद्रलोक स्टेशन पर मेट्रो बदलकर रेड लाइन से मोहन नगर पहुंचना था।
दोपहर 1:04 बजे उन्होंने रेड लाइन की ट्रेन पकड़ी लेकिन उनका बेटा थोड़ा पीछे छूट गया था। वह बेटे को बुलाने के लिए मेट्रो ट्रेन से बाहर निकलीं। इसी दौरान मेट्रो का दरवाजा बंद हो गया और उनका कपड़ा मेट्रो के दरवाजे में फंस गया। मेट्रो के दरवाजों में लगे सेंसर ने काम नहीं किया। इस वजह से गेट नहीं खुल पाया। गेट बंद होते ही मेट्रो ट्रेन चल पड़ी। इससे महिला भी प्लेटफार्म पर घिसटती रही। आगे प्लेटफार्म के अंतिम छोर पर छोटा गेट से टकराने के बाद महिला ट्रैक पर गिर गई। इससे उन्हें गंभीर चोट आई है। मेट्रो सुरक्षा दस्ते ने स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने उन्हें बाहर निकाला।
चार अस्पतालों में ले गए, लेकिन नहीं बच सकी जान
घटना के बाद महिला को अचेत अवस्था में इलाज के लिए अशोक विहार स्थित दीपचंद बंधु अस्पताल में ले जाया गया। वहां महिला मरीज को ट्यूब डालकर आक्सीजन सपोर्ट दिया गया। इसके बाद उन्हें लोकनायक और फिर आरएमएल अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। इन तीन अस्पतालों से स्थानांतरित होने के बाद उन्हें इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल की इमरजेंसी में न्यूरो सर्जरी वार्ड के आइसीयू में भर्ती किया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार महिला यात्री के मस्तिष्क के अलावा कालर बोन व शरीर में कई अन्य जगहों पर गंभीर फ्रैक्चर हुआ था। वह कोमा में थी।
मेट्रो ने दिए जांच के आदेश
डीएमआरसी के प्रधान कार्यकारी निदेशक व मुख्य प्रवक्ता अनुज दयाल का कहना है कि 14 दिसंबर को इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन पर एक घटना घटी है। इसमें पहली नजर में लग रहा है कि एक महिला यात्री के कपड़े ट्रेन में उलझ गए, इससे वह घायल हो गई। बाद में शनिवार अस्पताल में उसकी मौत हो गई। मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) पूरे मामले की जांच करेंगे।