पुलिस के मुताबिक तुषार अपने परिवार के साथ त्रिलोकपुरी 15-ब्लॉक में रहता था। इसके परिवार में पिता जितेंद्र कुमार, मां शिवानी नेगी, तीन भाई रोहित, अभिषेक और समीर व दादी शांति देवी है। जितेंद्र और शिवानी के बीच विवाद है। शिवानी अपने मायके 11 ब्लॉक में रहती है। शुक्रवार रात को तुषार अपने घर पर मौजूद था।
इस बीच 12 बजे उसके घर पर बाबू, अमन व अन्य पहुंचे। इन लोगों ने आवाज लगाकर तुषार को बुलाया। तुषार के बाहर आते ही आरोपी उससे झगड़ा करने लगे। इस बीच आरोपियों ने चाकू निकालकर तुषार पर हमला कर दिया। शोर सुनबर तुषार का नाबालिग भाई वहां पहुंचा। उसने भाई को बचाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उसे भी दौड़ा दिया।
वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए। तुषार की दोनों जांधों में चाकू लगे थे। उसकी जांघ से खून बहुत बह रहा था। अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला है कि आपसी रंजिश में आरोपियों ने तुषार की हत्या की है। पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है।
चार माह पूर्व किया था अगवा करने का प्रयास
तुषार की मां शिवानी ने रोते हुए बताया कि चार माह पूर्व भी आरोपियों ने उनके बेटे तुषार को अगवा करने का प्रयास किया था। शोर-शराबा करने पर आरोपियों ने उसे छोड़ दिया था। उस समय मामले की शिकायत पुलिस से की गई थी। शिवानी ने पुलिस व अस्पताल पर लारवाही का आरोप लगाया है।
तीन दिन पहले ही तुषार को मिली थी कोर्ट से जमानत
तुषार के खिलाफ पहले से पांच आपराधिक मामले दर्ज थे। चोरी के एक मामले में उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी हो गए थे। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने उसे पकड़कर कोर्ट में पेश किया था। परिजनों ने अदालत में जमानत की अर्जी दी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उसे जमानत दे दी थी।