दनकौर कोतवाली में अदालत के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ गैंगरेप और मारपीट, लूटपाट आदि धाराआें में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी उसके साथ लगातार एक माह तक गैंगरेप करते रहे।
विरोध करने पर बच्चों को मौत के घाट उतारने की धमकी देते थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।
बच्चों पर तानते थे पिस्तौल और करते थे रेप
जानकारी के मुताबिक दनकौर के एक गांव निवासी महिला ने अदालत में प्रार्थना-पत्र देकर आरोप लगाया था कि उसके गांव निवासी बिजेंद्र, श्रीचंद, सिकंद्राबाद निवासी सतीश और बुलंदशहर पिसावा निवासी अमिताभ उसे 20 नवंबर 2013 को बहला-फुसलाकर ले गए थे। जिसमें उसका पांच साल का बेटा और एक साल की बेटी भी साथ थे।
पीड़िता का आरोप है कि उक्त लोगों द्वारा सिकंद्राबाद के एक मकान में बंद कर दिया। जहां पर आरोपियों ने उसके साथ एक माह तक गैंगरेप किया।
जब भी वह अत्याचार का विरोध करती तो आरोपी उसके बच्चों पर तमंचा तान देते थे और उन्हें जान से मारने की धमकी देते थे। सभी आरोपी बारी-बारी मकान में आते थे और उसे तथा उसके बच्चों को उसी में बंद करके चले जाते थे।
ऐसी पुलिस किस काम की, नहीं सुनी थी गुहार
19 दिसंबर 2013 को आरोपियों द्वारा उसे और उसके बच्चों को गांव में छोड़ दिया गया। लेकिन पीड़िता के घर से काफी गहने और एक भैंस को ले गए। पीड़िता पहले थाने गई और फिर एसएसपी तक गुहार लगाई। लेकिन उसको न्याय नहीं मिला।
पीड़िता ने कोर्ट शरण ली तो न्याय मिला। एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह का कहना है कि अदालत के आदेश का पालन करते हुए रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
अब पुलिस मामले की जांच करने के बाद ही झूठ और सच का पर्दाफाश करेगी। अगर आरोपी दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई कराई जाएगी।