मामला पीड़िता की शिकायत पर दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस ने दर्ज किया था। पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि एक साल से ज्यादा समय से उसके आरोपी से प्रेम संबंध था और इसका खुलासा होने पर पति ने दवाब डालकर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवाया था।
अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि दुष्कर्म का केस दर्ज होने के बाद पीड़िता का व्यवहार यह साबित करता है कि पीड़िता उसे पसंद करती थी और उसने पीड़िता के साथ किसी तरह का यौन उत्पीड़न नहीं किया।
मामला दर्ज होने के बाद भी पीड़िता एक दिन में आरोपी से कई बार बात करती थी। पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि आरोपी ने कभी उससे दुष्कर्म नहीं किया लेकिन पति के दवाब में उसने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवाया।