एनएसयूआई, एबीवीपी, आइसा, एसएफआई प्रत्याशियों के बीच हुए मुकाबले में पिछले 14 साल में तीसरा सबसे कम मतदान है। डूसू चुनाव में कुल 1,45, 893 वोटर हैं और सुबह शाम की पाली में कुल 51, 300 छात्रों ने वोट किया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में किस्मत आजमा रहे 21 उम्मीदवारों का भविष्य शुक्रवार को ईवीएम में बंद हो गया है। राजनीति की पाठशाला कहे जाने वाले इन चुनावों में छात्रों ने खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। शाम 7:30 बजे तक कुल 35.2 फीसदी मतदान हुआ, जबकि बीते साल सुबह की पाली में ही 38 फीसदी सहित कुल 42.16 फीसदी मतदान हुआ था । उधर हाईकोर्ट की तरफ से मतगणना पर लगाई गई रोक के कारण नतीजे जारी होने पर संशय बरकरार है।
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एनएसयूआई, एबीवीपी, आइसा, एसएफआई प्रत्याशियों के बीच हुए मुकाबले में पिछले 14 साल में तीसरा सबसे कम मतदान है। डूसू चुनाव में कुल 1,45, 893 वोटर हैं और सुबह शाम की पाली में कुल 51, 300 छात्रों ने वोट किया है। इससे पहले 2010 और 2011 में मतदान का प्रतिशत 35 फीसदी रहा था।
डीयू में शुक्रवार को डूसू चुनाव के लिए मतदान संपन्न होते ही एक माह से चला आ रहा डूसू का संग्राम अंतिम चरण में पहुंच गया। अब उम्मीदवारों का भविष्य क्या रहेगा इस पर मतगणना पर लगी रोक हटने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। डूसू चुनाव के लिए कुल 52 कॉलेजों और विभागों में मतदान केंद्र बनाए गए थे।
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डूसू चुनाव अधिकारी प्रो. सत्यपाल सिंह ने कहा कि मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। कहीं से भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिली। सभी जगह समय से मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई। जबकि एनएसयूआई का आरोप है कि उनके सहसचिव पद के प्रत्याशी जब सुबह नौ बजे लॉ फैकल्टी पहुंचे तब वहां मतदान शुरू नहीं हुआ। इस पर वहां मौजूद अधिकारियों और प्रत्याशी के बीच मामूली कहासुनी भी हुई।
कॉलेजों में बनाए गए पोलिंग स्टेशनों पर तय समय पर सुबह 8.30 से वोटिंग शुरू हुई जो कि दोपहर एक बजे समाप्त हुई। इस समयावधि तक जिसने भी छात्रों ने कॉलेज परिसर में प्रवेश कर लिया उसे वोट डालने से वंचित नहीं किया गया।
कैंपस कॉलेज हो या आउट ऑफ कैंपस कॉलेज सभी जगह वोटिंग की रफ्तार धीमी थी। रामजस, हंसराज और किरोड़ीमल कॉलेज में ही थोड़ी भीड़ दिखाई दी। देर शाम मतदान के बाद सभी मशीनों को स्ट्रांग रूम में रखवा दिया गया है।
बीते सालों का मतदान प्रतिशत
वर्ष 2007 40.00
वर्ष 2008 39.80
वर्ष 2009 37.00
वर्ष 2010 35.00
वर्ष 2011 35.00
वर्ष 2012 40.40
वर्ष 2013 43.38
वर्ष 2014 44.43
वर्ष 2015 43.30
वर्ष 2016 37.00
वर्ष 2017 42.80
वर्ष 2018 44.46
वर्ष 2019 39.90
वर्ष 2023 42.16
नोट: कोविड के कारण 2020, 2021, 2022 में चुनाव नहीं हुए थे।