पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कोर्ट में माना कि तत्कालीन आर्मी चीफ वीके सिंह ने उन्हें रिश्वत का ऑफर मिलने की जानकारी दी थी।
एंटनी के अनुसार, वीके सिंह ने बताया था कि ट्रक खरीद की फाइल क्लियर करने की एवज में उन्हें 14 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मिला था।
सीबीआई ने पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह के खिलाफ दायर आरोपपत्र में एंटनी को बतौर गवाह बनाते हुए यह जानकारी दी।
वीके सिंह दी थी डील की जानकारी
पटियाला हाउस स्थित सीबीआई की विशेष न्यायाधीश मधु जैन के सामने सीबीआई ने मंगलवार को आरोपपत्र दायर किया था।
इसमें सीबीआई ने कहा कि तत्कालीन रक्षा मंत्री एंटनी के मुताबिक, तत्कालीन आर्मी चीफ वीके सिंह ने उनको बताया था कि 1193 करोड़ रुपये के 1676 ट्रकों की खरीद संबंधी फाइल को क्लियर करने के लिए उन्हें तेजिंदर सिंह ने 14 करोड़ रुपये की रिश्वत का ऑफर दिया है।
सीबीआई ने कहा कि एंटनी ने 27 मार्च 2012 को संसद में दिए बयान में भी इस तथ्य को स्वीकार किया था। सीबीआई ने नौ पेजों के आरोपपत्र में एंटनी के अलावा वीके सिंह, प्रधानमंत्री कार्यालय के संयुक्त सचिव धीरज गुप्ता व प्रधानमंत्री के सलाहकार टीकेए नायर को भी गवाह बनाया है।
दिल्ली समेत कई शहरों में पड़ा था छापा
सीबीआई के अनुसार, पूर्व आर्मी चीफ वीके सिंह ने दावा किया था कि उन्होंने 22 सितंबर 2010 को रिश्वत के ऑफर संबंधी बातचीत को रिकॉर्ड किया था लेकिन उन्होंने रिकार्डिंग की कॉपी नहीं दी।
सीबीआई ने 19 अक्तूबर 2012 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 12 के तहत मामला दर्ज किया था।
उसने पहले 11 अप्रैल 2012 को आरंभिक रिपोर्ट दर्ज की और फिर 20 अक्तूबर 2012 को दिल्ली, नोएडा व मुंबई स्थित सात स्थानों पर छापेमारी की थी।