दिल्ली उच्च न्यायालय ने चीन के 263 नागरिकों को वीजा देने के कथित घोटाला मामले में कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका को 24 जून के लिए स्थगित कर दिया है। कांग्रेस नेता के वकील की तरफ से स्थगन के अनुरोध पर न्यायमूर्ति अनूप कुमार मेंदीरत्ता ने मामले की सुनवाई टाल दी।
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वकील अर्शदीप सिंह ने अदालत को बताया कि वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल इस मामले में कार्ति चिदंबरम का प्रतिनिधित्व करेंगे। निचली अदालत ने तीन जून को इसे गंभीर प्रकृति का अपराध बताते हुए कार्ति व दो अन्य की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद कार्ति ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। प्रवर्तन निदेशालय ने कार्ति व अन्य के खिलाफ 2011 में 263 चीनी नागरिकों को वीजा जारी करने से संबंधित कथित घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।
उस वक्त कार्ति के पिता पी. चिदंबरम गृह मंत्री थे। जांच एजेंसी ने सीबीआई की तरफ से 50 लाख रुपये की रिश्वत को आधार नहीं माना जा सकता है। मामले की मौजूदा जांच में शोधित राशि का वास्तविक आकलन किया जाना शेष है। एजेंसी ने इसी मामले में सीबीआई की हालिया एफआईआर का संज्ञान लेते हुए प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। ईडी ने इससे पहले एक अन्य पीठ के समक्ष अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि वह एक कल्पना के आधार पर मामला दायर नहीं किया गया।