हिंसाग्रस्त इलाके में मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
इसी तरह मौजपुर, गोकलपुरी, करावल नगर में सबसे अधिक कारीगर रहते हैं। हिंसा की वजह से वह घर से निकलने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे हैं। होली पर पूरे देश के व्यापारी कपड़ा खरीदने यहां पहुंचते हैं, लेकिन इस बार धंधा मंदा हो गया है।
दिल्ली व्यापार महासंघ के अध्यक्ष देवराज बावेजा ने बताया कि अफवाहों की वजह से भी व्यापार चौपट है। रोज व्यापार करने पहुंचने वाले व्यापारी भी डर की वजह से सदर बाजार नहीं पहुंच रहे हैं। शाम 6 बजे से पहले ही शटर बंद होने लगते हैं।
पूर्वी दिल्ली से बनने वाला माल सदर बाजार नहीं पहुंच पा रहा है। त्योहार के दिनों में बाजार ठंडा पड़ा हुआ है। व्यापारियों ने सभी से शांति की अपील की है। उन्होंने कहा है कि व्यापारियों के नुकसान के लिए सरकार को मुआवजा देना चाहिए।