राजधानी में आवास उपलब्ध कराने के मामले में वर्षों से अहम भूमिका निभा रहे डीडीए की इमारत विकास मीनार अग्नि सुरक्षा के मामले में असुरक्षित है। इसका खुलासा दिल्ली अग्निशमन विभाग की एक टीम ने किया है। इस टीम ने विकास मीनार के निरीक्षण के दौरान अनेक खामियां मिली हैं। इस कारण दिल्ली अग्निशमन विभाग ने विकास मीनार के अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र का नवीनीकरण करने से मना कर दिया है।
डीडीए ने हाल ही में दिल्ली अग्निशमन विभाग के पास विकास मीनार के अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र का नवीनीकरण कराने के लिए आवेदन किया था। इसके तहत दिल्ली अग्निशमन विभाग की टीम ने गत 23 जून को विकास मीनार का निरीक्षण किया था। इस दौरान मीनार में अग्नि सुरक्षा के मामले में मिली खामियों के संबंध में दिल्ली अग्निशमन विभाग ने एक जुलाई को डीडीए के तमाम संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों को एक पत्र भेजकर अवगत कराया है। इतना ही नहीं, दिल्ली अग्निशमन विभाग ने डीडीए के अधिकारियों को समस्त खामियां दूर कराने के निर्देश दिए है।
दिल्ली अग्निशमन विभाग की टीम को विकास मीनार में बिजली के बॉक्स जर्जर हालत में मिले। ये न तो पूरी तरह से बंद थे और न ही इन बॉक्स को बंद किया जा सकता है। इसके अलावा कुछ मंजिलों पर स्मोक डिटेक्टर खराब मिले, ये आग लगने की स्थिति में काम नहीं करने की स्थिति में नहीं मिले। वहीं स्प्रिंकलर ऊपरी मंजिलों पर पूरे कार्यालय क्षेत्र को कवर नहीं कर रहे हैं। विभाग ने विकास मीनार में शेष क्षेत्र में भी यह सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। विभाग ने आग से बचाव के लिए फायर अलार्म सिस्टम भी चालू स्थिति में नहीं मिले। इसी तरह फायर पंप भी स्वचाचित हालत में नहीं थे। जबकि कार्यालय परिसर में खाली छोड़े गए स्थान पर सामान रखा मिला, वहीं सीढ़ी और लिफ्ट लॉबी पर फर्नीचर/अलमीरा रखा हुआ है।
विकास मीनार में मौजूद खामियों को किया जा रहा है दूर: डीडीए
डीडीए के प्रवक्ता के अनुसार उसने गत 17 मई को डीडीए से विकास मीनार का निरीक्षण करने का आग्रह किया था। इस कारण 23 जून को दिल्ली अग्निशमन विभाग की टीम ने अग्नि सुरक्षा निरीक्षण किया गया था। विकास मीनार का निर्माण 1972 में किया गया था। लिहाजा समय के साथ अग्नि प्रौद्योगिकियों, उपनियमों आदि में कई बदलाव हुए हैं। विभाग की ओर से दर्ज की गई आपत्ति पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी और विभाग को पुन: निरीक्षण के लिए बुलाया जाएगा।