साहित्य अकादमी सभागार रवीन्द्र भवन में विकास कुमार झा के उपन्यास राजा मोमो और पीली बुलबुल पर परिचर्चा आयोजित हुई। यह हिन्दी समेत सभी भारतीय भाषाओं में पहली कृति होगी, जिसमें मोटापे, अधिक वजन की समस्या को विषय बनाया गया है।
विकास कुमार झा ने भारत के सबसे छोटे राज्य गोवा पर सबसे मोटा उपन्यास लिखा है। यह रेणु की परंपरा की अगली कड़ी का उपन्यास है। यह उपन्यास उस गोवा का साक्षात्कार कराता है, जिसे किसी ने अब तक न देखा है, न ही उसके बारे में सुना है। ‘राजा मोमो और पीली बुलबुल’ उपन्यास में लोगों के बेहिसाब बढ़ रहे वजन की समस्या को केन्द्र में रखा गया है।
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यह हिन्दी समेत सभी भारतीय भाषाओं में पहली कृति होगी, जिसमें मोटापे, अधिक वजन की समस्या को विषय बनाया गया है। ये बातें साहित्य अकादमी सभागार रवीन्द्र भवन में विकास कुमार झा के उपन्यास राजा मोमो और पीली बुलबुल पर आयोजित परिचर्चा में वक्ताओं ने कहीं। परिचर्चा का आयोजन राजकमल प्रकाशन और रत्नव संस्था ने किया था, जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ कथाकार ममता कालिया ने की। कार्यक्रम में लेखक अनुवादक प्रभात रंजन और लेखक व फिल्मकार रमा पांडेय बतौर वक्ता मौजूद थीं। इसका संचालन कथाकार अनुज ने किया।
इस दौरान राजकमल प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अशोक माहेश्वरी ने विकास कुमार झा की पिछली कृतियों की विशेषताओं के बारे में बताया। अनुज ने राजा मोमो और पीली बुलबुल उपन्यास के बारे में बात करते हुए इसे रेणु की परंपरा की अगली कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि रेणु गांव को लेकर आंचलिक उपन्यास लिखते थे, जबकि विकास कुमार झा ने शहरी आंचलिकता का पहला प्रयोग किया है।
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रत्नव की संस्थापक रमा पांडेय ने राजा मोमो और पीली बुलबुल उपन्यास का अंशपाठ किया। उन्होंने कहा कि यह उपन्यास गोवा के अंतर्मन के दुख की ऊपरी मुस्कान व्यक्त करता है। ममता कालिया ने कहा कि यदि आप मोटे हैं तो आपको यह उपन्यास जरूर पढ़ना चाहिए। विकास कुमार झा ने यह सिद्ध कर दिया है कि एक पत्रकार बेहतरीन रचनाकार हो सकता है। प्रभात रंजन ने कहा कि यह भारत के सबसे छोटे राज्य गोवा पर आधारित हिंदी का सबसे मोटा उपन्यास है। विकास अनुभवी पत्रकार होने के नाते तथ्यों, बारीक रिसर्च के महत्व को बखूबी समझते हैं।
विकास कुमार झा ने कहा कि पत्रकारिता के पेशे में रहने का यह फायदा है कि यह आपको साहित्य लेखन के लिए कच्चा माल देती है। उन्होंने उपन्यास लिखने से पहले अपनी पहली गोवा यात्रा की कहानी और उससे जुड़े संस्मरण श्रोताओं से साझा किए हैं।