मध्य जिला पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान ने बताया कि पिछले काफी समय से जिले का स्पेशल स्टाफ हथियारों की तस्करी करने वाले लोगों की जानकारी जुटा रहा था। इसी कड़ी में इंस्पेक्टर संदीप गोदारा, हवलदार दिलशाद व अन्यों की टीम को सूचना मिली कि वाहन चोर व हथियारों का बड़ा तस्कर अनिल देशबंधु गुप्ता रोड इलाके में आने वाला है। सूचना के बाद फौरान एक टीम का गठन किया गया। आरोपी को 23 अगस्त को देशबंधु गुप्ता रोड इलाके से चोरी की बाइक, एक पिस्टल और दो कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लिया।
पांच पिस्टल, पांच तमंचे और चोरी की एक कार बरामद
इसकी निशानदेही पर पांच पिस्टल, पांच तमंचे और चोरी की एक कार भी बरामद हुई। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दिल्ली से बारहवीं करने के बाद उसने वर्ष 90 के दशक में कारें चोरी करना शुरू कर दिए। पहली कार उसने मारुति 800 चोरी की। इसके बाद लगातार वह दिल्ली से कारें चोरी करने के बाद उनको उत्तर-पूर्वी राज्य ले जाता था। वहां उनकी पहचान मिटाने के बाद उनको बेच दिया जाता था।
हथियारों, गैंडे के सींग व अन्य जानवरों के अंगों की तस्करी में भी संलिप्त
वाहन चोरी के साथ-साथ वह हथियारों की तस्करी और गैंडे के सींग व दूसरे जानवरों के अंगों की तस्करी करने लगा। कई बार पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया। कई बार आरोपी पुलिस टीम पर गोली चलाकर फरार भी हुआ। दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन के एक मामले में आरोपी को पांच साल की सजा भी हुई थी।
दिल्ली पुलिस से बचने के लिए आरोपी असम चला गया। वहां इसने अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ा ली और असम का क्लास वन सरकारी कॉन्ट्रेक्टर बनकर बड़े-बड़े ठेके लेने लगा। लेकिन ईडी ने आरोपी को गिरफ्तार कर इसकी संपत्ति जब्त कर ली। पिछले करीब सात सालों से आरोपी फरार था। पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।