उत्तरकाशी टनल हादसे पर सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के सचिव अनुराग जैन ने कहा कि सौभाग्य से यह दो किलो मीटर सुरंग का पूरा हिस्सा है, इस विशेष हिस्से में पानी और बिजली है। अब मुख्य चीज भोजन है, इसलिए इसके लिए यहां चार इंच की एक पाइपलाइन है जिसके माध्यम से हम कुछ सूखे मेवे भेज सकते हैं।
उत्तरकाशी टनल हादसे पर सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के सचिव अनुराग जैन ने कहा कि सौभाग्य से यह दो किलो मीटर सुरंग का पूरा हिस्सा है, इस विशेष हिस्से में पानी और बिजली है। अब मुख्य चीज भोजन है, इसलिए इसके लिए यहां चार इंच की एक पाइपलाइन है जिसके माध्यम से हम कुछ सूखे मेवे भेज सकते हैं। हम सलाह के अनुसार कुछ दवाएं, अवसादरोधी और अन्य चीजें भेज रहे हैं।
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यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा से डंडालगांव के बीच निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे में 41 श्रमिक फंसे हैं। कंपनी की बड़ी लापरवाही सामने आई। अब तक कंपनी ने 40 मजदूरों के फंसे होने की सूची ही प्रशासन को उपलब्ध कराई थी, लेकिन अब 41 वें श्रमिक के भी फंसे होने की बात सामने आई है।
सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बचाने के लिए अब पांच प्लान पर एक साथ काम शुरू होगा। इसमें राज्य व केंद्र की छह एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। इन पांच प्लान में सुरंग के सिलक्यारा छोर, बड़कोट छोर और सुरंग के ऊपर और दाएं और बाएं से ड्रिलिंग कर रास्ता तैयार किया जाएगा। जिससे अंदर फंसे सभी मजदूरों को बचाया जा सके। भारत सरकार के सलाहकार भाष्कर खुल्बे ने यह जानकारी दी।