दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन विधानसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विधानसभा में भाजपा विधायक ने जैसे ही जितेंद्र सिंह तोमर के फर्जी डिग्री मामले को उछाला तो माहौल बदलने लगा।
हालांकि हंगामे को देखते हुए विधानसभा 15 मिनट के लिए स्थगित भी की गई। लेकिन माहौल में तल्खी बनी रही। नौबत यहां तक आ गई कि भाजपा विधायक ओम प्रकाश शर्मा को मार्शलों ने जबरन बाहर निकाला।
लेकिन इसके बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता और जगदीश प्रधान वैल में आ गए और स्पीकर के अनुरोध के बावजूद शोर-शराबा जारी रहा।
केजरीवाल ने दिया जवाब
अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए जहां दिल्ली सरकार का बचाव किया वहीं भाजपा पर भी निशाना साधा।
केजरीवाल ने कहा कि वे जितेंद्र सिंह तोमर का इस्तीफा स्वीकार कर चुके हैं और उनके किसी मंत्री से कोई संबंध नहीं है। केजरीवाल के मुताबिक वे किसी भी गलत चीज को बिल्कुल बर्दास्त नहीं करेंगे।
दिल्ली के सीएम ने कहा कि अगर मीडिया में जो कुछ चल रहा है, वह सब सच है तो क्या इसका ये मतलब है कि वे झूठ बोल रहे थे? लेकिन वे पीएम को बताना चाहते है कि अगर वे गलत थे तो केंद्र सरकार के मंत्री भी गलत हैं।
हमने क्या गलत किया?
इसलिए पीएम को भी ऐसा ही करना चाहिए जैसा की उन्होंने तोमर के मामले में किया। वसुंधरा राजे और सुषमा स्वराज के नाम सामने आ रहे हैं। पीएम को भी इनकी जांच के आदेश देने चाहिए।
इसके बाद ओम प्रकाश शर्मा ने विधानसभा से बाहर आकर मीडिया से कहा कि उन्हें अब विधानसभा में कोई सही बात कहने का भी हक नहीं है।
अगर उन्होंने केजरीवाल को सभी 70 आप विधायकों की डिग्री की जांच के लिए सुझाव दिया था। इस सुझाव में ऐसा कुछ भी नहीं था कि उन्हें विधानसभा से बाहर किया जाए।