देशभर में प्रदेश कांग्रेस संगठन में बदलाव की बह रही बयार और उत्तर प्रदेश कांग्रेस में चल रही अंदरूनी राजनीति के बीच कांग्रेस हाईकमान ने साफ कर दिया है कि प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री को फिलहाल बदलने का सवाल नहीं है।
2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी की जिम्मेदारी खत्री के कंधों पर ही होगी। उत्तर प्रदेश के प्रभारी कांग्रेस महासचिव मधुसूदन मिस्त्री ने अमर उजाला से कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को बदलने का सवाल नहीं है।
जो भी कोई ऐसी बात कह रहा है वह दुष्प्रचार कर रहा है। राहुल गांधी ने पिछले दिनों निर्मल खत्री को भरोसा दिया है कि वह 2014 चुनाव तक पार्टी का काम देखें। राहुल ने कहा कि वह किसी की बात पर ध्यान न दें और न ही किसी गुटबाजी में पड़ें।
दरअसल, केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने पिछले दिनों ही कहा था कि जनवरी में प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री का बदलना तय है। कांग्रेस हाईकमान ने फैसला ले लिया है। बेनी के बयान से खत्री खफा थे।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक वह इस बात को लेकर राहुल से भी मिले थे। राहुल ने इस मुलाकात में खत्री को कहा कि आपको बनाया ही इसलिए था कि आप पार्टी में बिना कोई गुट में शामिल होकर निष्पक्ष होकर काम करें। राहुल ने उन्हें कहा कि आप ऐसा करते रहें।
वह उनका साथ देंगे। राहुल के भरोसे के बाद खत्री ने चुनावी तैयारी की कमान संभाल ली है। अब जल्द ही वह कुछ दिनों में अपनी प्रदेश कार्यकारिणी बनाने जा रहे हैं। वहीं प्रदेश चुनाव समिति का गठन भी हो गया है। खत्री ने बाकायदा चुनाव प्रक्रिया शुरू करवा दी है। सोनिया और राहुल के पास उन्होंने कार्यकारिणी की सूची मंजूरी के लिए भेजी है।