मायके पहुंचते ही महविश न केवल बेहद खुश दिखी बल्कि उसके तेवर भी और तल्ख नजर आए। बार-बार ससुराल वालों को सबक सिखाने की बात कह रही थी। महविश ने आरोप लगाया कि मायके पहुंच उसे आजादी मिली है, ससुरालियों ने तो उसे बंधक बनाकर रखा था।
उस पर जो जुल्म हुए हैं उनका बदला वह लेकर रहेगी। महविश रविवार को अपना ससुराल छोड़ मायके पहुंच गई थी। सोमवार को उसने मायके घर में विशेष बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि ससुराल वाले उसे हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे थे। वह बेटियों को छीनने की धमकी देकर उससे बयान दिलवाते थे।
उससे बैंक के कागजों पर हस्ताक्षर कराकर रुपये निकलवा लेते थे। महविश ने यूसुफ आत्मदाह प्रकरण में गलत नामजदगी के भी आरोप लगाए। महविश ने कहा कि आत्मदाह के मामले में कई निर्दोषों को फंसाया गया है। महविश ने खासतौर पर अपने चाचा जरीस की नामजदगी को साजिश बताया।
इससे पहले महविश चाचा की वीडियो रिकार्डिंग दिखाकर हत्या का ऐलान करने का दावा कर चुकी है। महविश ने दबी जुबान में यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो वह उनके पक्ष में कोर्ट में बयान भी देगी। महविश ने ससुराल वालों पर अपना सामान और मदद के रुपये खर्च करने का भी आरोप लगाया।
तीन दिन से नहीं खाया था खाना
महविश ने बताया कि वह ससुराल में टेंशन के कारण तीन दिन से खाना नहीं खा पाई थी। मां शबनम ने महविश के लिए बिरियानी बनाई थी। रविवार रात महविश ने मां के हाथ से बनी बिरियानी खाई, लेकिन दिमाग में कौंध रहे कोहराम के चलते वह रात भर सो नहीं पाई। सुबह चार बजे उसे नींद और छह बजे वह जाग गई।