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पांच दिन की पुलिस रिमांड पर यूनिटेक के एमडी

Tue, 11 Apr 2017 06:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
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यून‌िटेक ब‌िल्डर्स के माल‌िक ग‌िरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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साइबर सिटी में यूनिटेक बिल्डर के कई प्रोजेक्टों और एफडी में निवेशकों के पैसे फंसे होने के मामले में बिल्डर बंधुओं को पुलिस ने रिमांड पर लेकर रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है। उनके कई कार्यालयों पर पुलिस इन मामलों से जुड़े कागजातों की जांच कर रही है। मामलों की आर्थिक अपराध जांच शाखा पूर्व व पश्चिम कर रही है।
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यूनिटेक बिल्डर के यहां कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिनमें से अधिकतर में विवाद की स्थिति है। इस बिल्डर के खिलाफ निवेशकों द्वारा कई बार गुरुग्राम की सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया गया। उसके एमडी अजय चंद्रा व संजय चंद्रा की दिल्ली में गिरफ्तारी के बाद सोमवार को गु़रुग्राम पुलिस ने इन्हे पूछताछ के लिए अदालत से पांच दिन के रिमांड पर लिया है। निवेशकों को उम्मीद बंधी है कि उनका डूबा पैसा निकल आएगा। 

गुरुग्राम के सेक्टर-70 में यूनिटेक के रिहायशी प्रोजेक्ट में निवेश करने वालों का कहना है कि छह साल पहले बिल्डर ने एंथिया फ्लोर्स नामक प्रोजेक्ट को लांच किया था। इसके द्वारा उन्होंने निवेशकों से 362 करोड़ रुपये उगाहे थे। मगर इस प्रोजेक्ट के नाम पर एक भी ईंट बिल्डर ने नहीं रखी है। निवेशक विवेक त्यागी ने बताया कि पिछले छह वर्षों से गुरुग्राम के 5,732 निवेशक इस बिल्डर की ठगी के शिकार हैं। त्यागी ने बताया कि उन्हीं के प्रोजेक्ट में एमडी की गिरफ्तारी हुई है। 
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उधर, पुलिस के अनुसार, उनके पास करीब 20-22 शिकायतें यूनिटेक बिल्डर के खिलाफ आई हैं, जिनमें से पांच शिकायतें एफडी से जुड़ी हुई हैं, जबकि बाकी प्रोजेक्ट में निवेश की हैं। कई लोगों के करोड़ो रुपये एफडी में जमा किए गए हैं, लेकिन उनका पैसा नहीं लौटाया गया। वहीं कुछ लोगों ने प्रोजेक्ट में फ्लैट लेने के लिए पैसा जमा कराया था, लेकिन उन्हे फ्लैट नहीं मिला। 

सरदाना बंधु ने बताया कि उन्होंने करीब 2.6 करोड़ रुपये एफडी के तौर यूनिटेक बिल्डर को दिया था, लेकिन रिन्यू करने के नाम पर बार-बार समय बढ़ाया जाता रहा। इसमें उनके पिता का भी 45 लाख रुपया है। बैंक से केवल एक फीसदी अधिक के लालच में यह रकम यहां लगाई गई थी। वर्ष 2010 से वह इसमें पैसा जमा कर रहे थे। 

समयावधि पूरी होने पर पैसे मांगे तो 48 घंटे में पैसे देने की बात कहकर संपर्क खत्म कर दिया गया। उन्होंने यूनिटेक से जुड़ी कई जानकारियां भी पुलिस को उपलब्ध कराई हैं। जिनमें विदेश में भी बैंक खाते होने की जानकारी दी गई, जिनकी पुलिस अभी जांच कर रही है। 
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