केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अधीनस्थ नोएडा के राष्ट्रीय होटल प्रबंध एवं केटरिंग टेक्नॉलॉजी परिषद (एनसीएचएमसीटी) की स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री अब जेएनयू की होगी। जेएनयू और एनसीएचएमसीटी के बीच करार हुआ है। इसके तहत आगामी शैक्षणिक सत्र 2023-24 से एनसीएचएमसीटी द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों के पास-आउट छात्रों को जेएनयू को डिग्री दी जाएगी।
इस समझौते से देशभर के एनसीएचएमसीटी के लगभग 93 मान्यता प्राप्त संस्थानों को लाभ मिलेगा। इनमें बीएससी एचएचए और एमएससी एचए में दाखिला लेने वाले छात्रों को लाभ होगा।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी, पर्यटन सचिव अरविंद कुमार की अध्यक्षता में दोनों संस्थानों ने एक-दूसरे के साथ काम करने को लेकर समझौता किया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आगामी सत्र से दोनों प्रोग्राम के छात्रों को जेएनयू की डिग्री मिलेगी।
होटल प्रबंधन के क्षेत्र में भविष्य बनाने वाले इच्छुक लोगों के लिए जेएनयू की डिग्री मिलना एक अच्छा मौका है। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान पर्यटन क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था, लेकिन अब रफ्तार पकड़ रहा है।
जी-20 की बैठकों ने भारतीय पर्यटन को पुनर्जीवित करने में मदद की है,क्योंकि देश भर में लगभग 250 बैठकें आयोजित की जाएंगी जिनमें कई देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। जब वे प्रतिनिधि वापस लौटेंगे तो उन देशों के पर्यटक भारत दर्शन को जरूर आएंगे। अतिथि देवो भवः से प्रेरणा लेते हुए जी-20 में भाग लेने वाले सभी देशों पर भारतीय हॉस्पिटैलिटी की अच्छी छाप छोड़ी जा सकती है।
उन्होंने एनसीएचएमसीटी और जेएनयू के छात्रों से आग्रह किया कि वे पर्यटन की ब्रांडिंग में शोध करें। केंद्र सरकार ने होटल प्रबंधन संस्थानों में पर्यटन क्लब खोलने का फैसला किया है और ऐसे लगभग 5000 क्लब शुरू किए जा चुके हैं।
जेएनयू के पास शोध का रिकार्ड:
पर्यटन सचिव अरविंद सिंह ने कहा कि जेएनयू के पास शोध और अकादमिक संस्कृति का एक सिद्ध ट्रैक रिकॉर्ड है। इसे न केवल हमारे देश में, बल्कि वैश्विक स्तर पर लगातार रैंक किया जाता है और माना जाता है। आईआईएचएम के छात्र इस एमओयू से लाभान्वित होंगे क्योंकि इससे समग्र शैक्षणिक इनपुट को अपग्रेड करने में मदद मिलेगी। जेएनयू की डिग्री मिलने से इन संस्थानों के छात्रों को देश और विदेश में बेहतर रोजगार के मौके उपलब्ध होंगे, बल्कि दुनिया भर और विदेशी विश्वविद्यालयों में उच्च अध्ययन में दाखिला भी ले सकेंगे।