वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण ट्रिब्यूनल ने बृहस्पतिवार को निर्णय लिया कि वह लाचार वृद्धों के मामलों की सुनवाई के लिए उनके आवास पर जाएगा।
ट्रिब्यूनल के चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह ने यह निर्देश जारी करते हुए कहा कि उम्र के इस पड़ाव में बहुत से लोगों के लिए चलना-फिरना बहुत मुश्किल हो जाता है। ऐसे लोगों की शिकायतें आने पर उन्हें सुनवाई के लिए ट्रिब्यूनल में आने की आवश्यकता नहीं होगी।
ओल्ड फरीदाबाद की चंदा ने अपने पुत्र सोनू तथा विक्रमजीत ने अपने पुत्र अर्जुन सिंह के खिलाफ ट्रिब्यूनल में शिकायत दर्ज कराई। इन दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया कि घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं।
एनआईटी निवासी नंदलाल भाटिया ने अपने पुत्रों फकीरचंद, संजय, सागर व श्याम से गुजारा-भत्ता दिलवाने की मांग की। ट्रिब्यूनल ने चारों पुत्रों को आदेश दिया कि वे प्रतिमाह अपने पिता के बैंक खाते में 1000-1000 रुपये की राशि बतौर गुजारा-भत्ता जमा कराएंगे।
पर्वतीय कॉलोनी के राम सिंह की शिकायत पर ट्रिब्यूनल चेयरमैन तथा सदस्यों अनीशपाल व राजेश आर्य ने आरोपी धर्मबीर की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित पुलिस थाना प्रभारी के माध्यम से ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश करने के आदेश दिए।
भूड़ कालोनी की राधा शर्मा के मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी चंद्रप्रकाश को गैर-हाजिर पाया। जिस पर ट्रिब्यूनल ने चंद्रप्रकाश को नोटिस भेजकर ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश होने के निर्देश जारी किए।