ट्रेन यात्रियों के लिए राहत की खबर है। कोविड से पहले की तरह ज्यादातर ट्रेनों से अब अवाजाही संभव होगी। लंबी दूरी की रेलगाड़ियों के जनरल कोच में यात्री बिना आरक्षित टिकट के सफर करेंगे। वहीं, लोकल ट्रेन की संख्या भी बढ़ जाएगी। इससे दिल्ली-एनसीआर के कामकाजी लोगों को सहूलियत होगी। दूसरी तरफ कोहरे के कारण रद्द ट्रेन फिर से बहाल होने लगी है। इसका फायदा यह होगा कि ज्यादा से ज्यादा लोग विभिन्न दिशाओं में सफर कर सकेंगे।
हर साल होली के अवसर पर लोगों की आवाजाही ट्रेन से बढ़ जाती है। इस त्योहार में शरीक होने के लिए लाखों लोग ट्रेन से आवागमन करते हैं। अन्य दिनों की तुलना में करीब 10 प्रतिशत अतिरिक्त भीड़ होती है। दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर भीड़ उमड़ पड़ती है। सबसे अधिक भीड़ अनारक्षित कोच में होती है। इस कोच में बिना आरक्षित टिकट के यात्रा करने की छूट मिलने से लोगों को ज्यादा दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि रेल सेवा लगभग पूर्व कोविड स्तर पर बहाल हो जाएंगी। जिसमें मेल, एक्सप्रेस, आरक्षित, अनारक्षित सभी क्लास और श्रेणी की ट्रेन बहाल हो जाएंगी।
कोहरे के कारण रद्द ट्रेन लौटेगी पटरी पर
कोहरे की वजह से विभिन्न रूट की ट्रेनों का संचालन 28 फरवरी तक बंद किया गया था। कई ट्रेन प्रतिदिन नहीं चलकर सप्ताह में कुछ ही दिन चल रही थी। अब एक मार्च से रेलवे ने निरस्त की गई ट्रेनों को वापस पटरी पर ला रहा है। निरस्त की गई ट्रेनों की संशोधित समय सारणी जारी नहीं हुई है लिहाजा ट्रेन चरणबद्ध तरीके से पटरी पर उतर जाएंगी। इन ट्रेनों के चलने से होली के दौरान आवागमण करने वालों को काफी राहत मिलेगी। ट्रेनें चलने से उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, दक्षिणी भारत और दूसरे राज्यों के लोगों को फायदा होगा।
लोकल ट्रेन की संख्या भी बढ़ेगी
कोविड की वजह से लोकल ट्रेन की संख्या भी काफी कम कर दी गई थी। दिल्ली रेल मंडल में महज 40 प्रतिशत लोकल ट्रेन ही चल रही है। कोविड संक्रमण दर कम होने की स्थिति में रेलवे अन्य ट्रेनों को चलाने की भी तैयारी में है। यात्रियों की संख्या बढने के साथ ही चरणबद्ध तरीके से ट्रेन चलेंगी। इन ट्रेनों के चलने से दिल्ली, गाजियाबाद, साहिबाद, गुरुग्राम, पानीपत, सोनीपत समेत दिल्ली आसपास के लोगों को राहत मिलेगी।