दिल्ली सरकार के व्यापार व कर विभाग के छापे के बाद ट्रांसपोर्टरों में आक्रोश व्याप्त है। शुक्रवार को छापे के दौरान टीम ने दस्तावेजों का पेटी व बंडलों में रखे माल का मिलान किया है। गोदामों में मौजूद पेटियों को तोड़कर व बंडलों को फाड़कर उसमें रखे सामान का दस्तावेज से मिलान किया।
यह भी देखा जा रहा है कि रसीद में जो सामान दर्ज है, वही है या नहीं। टैक्स भुगतान की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने ट्रांसपोर्टरों और मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ भी की गई।
इसको लेकर दिल्ली गुड्स ट्रांसपोर्टर आर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कहा कि ट्रांसपोर्टर न तो जीएसटी लेता है और न ही जमा कराता है। उसका काम तो सिर्फ व्यापारियों के माल को एक जगह से दूसरे जगह पहुंचाना है।
दस्तावेज के आधार पर माल बुक कर उसे आगे भेज देते हैं। ट्रांसपोर्टर्स जल्द ही इस पूरे मामले को लेकर दिल्ली सरकार के वित्त मंत्री व कर विभाग के आयुक्त से मिलेंगे व अपना पक्ष रखेंगे।