नई दिल्ली। नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (एनजीएमए) में बुधवार शाम टोक्यो बिफोर-आफ्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 80 तस्वीरों के माध्यम से टोक्यो के लगभग एक सदी के बदलते स्वरूप को दिखाया गया। 1930-40 के दशक की तस्वीरों को 2010 के दशक व उसके बाद की छवियों के साथ रखा गया है, जिससे शहर की सड़कों, इमारतों, लोगों और जीवनशैली में आए बदलाव को देखा जा सकता है।
प्रदर्शनी में दाइदो मोरियामा, नोबुयोशी अराकी समेत जापान के प्रमुख फोटोग्राफरों की कृतियां शामिल हैं। तस्वीरें लोगों की जिंदगी, सांस्कृतिक स्मृतियों और रोजमर्रा के अनुभवों को दर्शाती हैं। एनजीएमए के महानिदेशक डॉ. संजीव किशोर गौतम ने कहा कि शहर दृश्यों से नहीं, बल्कि अपने भीतर संजोई यादों से बनता है। जापान फाउंडेशन के महानिदेशक कोजी सातो ने फोटोग्राफी को शहर समझने का अनूठा माध्यम बताया।
इस अवसर पर भारत में जापान के दूतावास के उप मिशन प्रमुख जिनीची कडोवाकी और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल विशिष्ट अतिथि रहे। यह प्रदर्शनी जापान फाउंडेशन की पहली ट्रैवलिंग प्रदर्शनी है, जिसे मूल रूप से टोक्यो 2020 ओलंपिक व पैरालंपिक के लिए तैयार किया गया था। संवाद