चोरी की निशानदेही पर छापेमारी
गिरफ्तार बदमाशों की पहचान रंगपुरी पहाड़ी वसंतकुंज निवासी सागर, वजीराबाद निवासी अशरफ सुल्तान और पीएल शर्मा जिला अस्पताल कैंपस मेरठ निवासी कुलदीप सिंह के रूप में हुई है। जिले में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए निरीक्षक गौतम मलिक के नेतृत्व में वाहन चोरी निरोधक शाखा ने मामलों की जांच शुरू की।
लग्जरी कारों को करते थे चोरी
पुलिस टीम ने दिल्ली में सक्रिय वाहन चोरी करने वाले गैंग के गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखने लगी। पुलिस ने घटनास्थल के आस पास के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की। इस दौरान पुलिस ने लग्जरी कारों की चोरी और उसके निपटान में शामिल गैंग का पता लगा।
पुलिस ने पकड़ने के लिए बनाया प्लान
पुलिस गैंग में शामिल बदमाशों पर निगरानी शुरू कर दी और तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके कब्जे से दो हुंडई क्रेटा, एक किआ सेल्टोस और एक टोयोटा इनोवा बरामद कर ली। पुलिस ने इनके कब्जे से एक स्कूटी बरामद की, जिसे बदमाश रेकी के लिए इस्तेमाल करते थे।
बिहार झारखंड में बेचते थे गाड़ियां
पूछताछ में अशरफ सुल्तान ने बताया कि वह दिल्ली-एनसीआर से लग्जरी कारें चुराने के बाद अपने गैंग के सरगना रहीस उर्फ मुल्ला के इशारे पर उसे झारखंड के रांची और बिहार में विभिन्न खरीदारों को बेचता था। सागर वाहनों की रेकी करने में मदद करता था। पुलिस ने बदमाशों की निशानदेही पर बिहार और दिल्ली से कारें बरामद की।
चोरी के पैसों से खरीदते थे हथियार
कार सप्लाई करने के बाद बदमाश बिहार से हथियार खरीदकर उसे दिल्ली-एनसीआर में बेचते थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सागर वसंतकुंज थाने का घोषित बदमाश है और उसपर 16 मामले दर्ज हैं। अशरफ रहीस मुल्ला गैंग का सक्रिय सदस्य है और उसपर पहले से छह मामले दर्ज हैं। कुलदीप गैंग के सरगना के निर्देश पर चोरी की कार को खरीदार तक पहुंचाता था। प्रत्येक कार की आपूर्ति करने पर उसे 20 हजार रुपये मिलते थे।