कोविड-19 के खतरे के बीच आयोजित होने जा रहे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की भव्यता में इस बार भी कोई कमी नहीं रहेगी। मौजूदा समय दिल्ली के सभी हिस्सों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां जोरों से चल रही हैं। इस बार आयोजन का स्वरूप बदला नजर आएगा। इस साल राजधानी में 1008 से अधिक घरों में जूम ऐप के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण भक्तों के बीच विराजमान होंगे। तो कहीं पर 1008 प्रकार के व्यंजनों से नंदलाल को भोग लगाया जाएगा।
लाजपत नगर इस्कान मंदिर के सदस्य युधिष्ठिर गोविंद दास ने बताया कि हर साल जन्माष्टमी पर यहां 6-7 लाख लोग जुटते हैं। इस साल कोविड-19 की वजह से भीड को सीमित कर दिया गया है। अबकी झांकियां नहीं निकलेंगी, लेकिन आयोजन पहले की तरह भव्य होगा। भगवान के लिए देश और विदेश से पुष्प मंगाए गए हैं। मुंबई से विशेष वस्त्र आया है। देश के विभिन्न हिस्सों में प्रसिद्ध 1008 प्रकार के व्यंजनों से भगवान को भोग लगाने की तैयारी है।
मंदिर प्रशासन ने ऐसी व्यवस्था की है कि जन्माष्टमी उत्सव से 1008 परिवारों को जूम ऐप के माध्यम से जोड़ा जाएगा। मंदिर के सदस्य प्रेमांजन दास ने बताया कि लोग घर से ही भजन कीर्तन का आनंद ले पाएंगे। मंदिर को भव्य तरीके से सजाया जा रहा है।
यहां 7 से 12 अगस्त तक श्रीकृष्ण जन्माष्मी उत्सव आयोजित किया गया है। प्रतिदिन शाम 6 बजे से यूट्यूब और फेसबुक लाइव के माध्यम से भक्तों को आयोजन से जोड़ा जा रहा है। वहीं मुख्य उत्सव में शामिल होने के लिए लोगों को प्री बुकिंग की सुविधा प्रदान की गई है।
चांदनी चौक के छिपिवाड़ा केंद्र में भगवान श्रीकृष्ण के लिए एक महीने से वस्त्र तैयार किया जा रहा है। यहां श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर महाभोग लगाने की तैयारी है। मंदिर के सदस्य नीलकंठ दास ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मनोरम श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन किया जाएगा। लेकिन आम लोगों को मंदिर आने से रोका गया है।
यहां गीता कॉलोनी स्थित श्रीकृष्ण मंदिर में जन्माष्टमी के दिन ही तैयारियां की जाएंगी। वहीं मयूर विहार फेज-1 में केरल शैली में बने श्रीकृष्ण मंदिर के अंदर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियों को लेकर असमंजस है। इसे देखभाल करने वालों ने बताया कि जन्माष्टमी उत्सव का आयोजन होगा, यह अभी तय नहीं है।