पत्नी से अवैध संबंध और कर्जा न चुका पाने की वजह से एक युवक ने मेघालय के रहने वाले अपने मालिक की हत्या कर दी। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने हत्या की गुत्थी सुलझाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी की पहचान गांव दलोथ, छाता, मथुरा निवासी उमेश कुमार (21) के रूप में हुई है। उमेश ने 13 दिसंबर को दिल्ली से ले जाकर तपन कुमार (40) की अकबरपुर-शेरपुर रोड मथुरा में गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पुलिस ने उमेश के पास से तपन का एटीएम कार्ड बरामद कर लिया है। उससे पूछताछ कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि 19 दिसंबर को शिलांग, मेघालय निवासी अनुजदेव ने अपने साले तपन कुमार की गुमशुदगी दिल्ली के सुभाष प्लेस थाने में दर्ज कराई थी।
लोकल पुलिस की मदद से हुई गिरफ्तारी
अनुजदेव ने बताया था कि उसका साला दिल्ली-एनसीआर में बिजली के कांट्रेक्ट ले लेता था। लोकल पुलिस के अलावा अपराध शाखा ने मामले की छानबीन शुरू की। छानबीन करते हुए पुलिस मथुरा पहुंची।
वहां गांव दलोथ, छाता में एक चौकीदार ने 13 दिसंबर को एक लाश बांध के पास होने की बात बताई। दिल्ली पुलिस ने जब लोकल पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि उन्हें तपन की लाश बरामद हुई थी।
उसकी गर्दन पर गोली लगी थी। पहचान न होने की वजह से लाश का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। हत्या का मामला छाता थाने में दर्ज कर छानबीन शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हत्याकांड के पीछे तपन के साथ काम करने वाले उमेश कुमार का हाथ है। 24 दिसंबर को एक सूचना के बाद पुलिस ने उमेश को दबोच लिया। पूछताछ में उसने हत्या करने की बात कबूल कर ली। आरोपी के पास से मृतक का एटीएम भी बरामद कर लिया गया।
क्यों की उमेश ने तपन की हत्या?
मथुरा निवासी उमेश ने खुलासा किया कि करीब एक साल पूर्व वह काम की तलाश में दिल्ली आया था। उसने वजीराबाद स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में नौकरी की।
तपन भी वहां नौकरी करता था। दोनों की दोस्ती हो गई। इस बीच तपन ने नौकरी छोड़कर अपना काम शुरू कर दिया। उमेश को उसने अपने साथ काम पर रख लिया। यहां तक उसने अपने पास ही उसे रहने की जगह भी दी।
इधर उमेश ने शादी के लिये दो लाख रुपये तपन से कर्जा ले लिया। शादी कर उमेश पत्नी को दिल्ली ले आया। इधर, कुछ दिनों पूर्व तपन ने उमेश की पत्नी से संबंध बना लिये।
उमेश को यह बात पता चल गई। तपन ने उसे किसी को कुछ भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इधर, तपन अपने दो लाख रुपये भी मांगने लगा। उमेश ने तपन की हत्या की योजना बनाई। वह 12 दिसंबर को बहाने से तपन को मथुरा ले गया और उसकी हत्या कर दी।