जीडीए क्षेत्र में एनएच-58 पर शहरवासियों को रोड किनारे अतिक्रमण के कारण जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। एनएच-58 के दोनों ओर 60-60 फीट के दायरे में किसी भी प्रकार का निर्माण अवैध होगा।
इससे ऊपर और 220 फीट तक किसी भी निर्माण के लिए पहले पीडब्लूडी (एनएच खंड) से एनओसी और जीडीए से नक्शा पास कराना होगा। बुधवार को एनएच-58 पर स्मूथ ट्रैफिक के लिए जीडीए और पीडब्लूडी (एनएच खंड) अधिकारियों की बैठक हुई।
बैठक में यह फैसला लिया गया। इस कवायद के पीछे मोदीनगर-मुरादनगर में काटी जा रही अवैध कालोनियों पर भी अकुंश लगाने की कोशिश मानी जा रही है।
जीडीए ने एनएच-58 का कादराबाद तक 6 लेन चौड़ीकरण करवाया है। लेकिन इसके किनारे पर अतिक्रमण से जाम लगता है। हाईवे के ट्रैफिक को सुगम करने के लिए जीडीए चीफ इंजीनियर वीके गोयल, पीडब्लूडी प्रांतीय खंड से ज्ञान गुप्ता समेत एनएच खंड के अधिकारियों ने बैठक की।
जीडीए चीफ इंजीनियर ने बताया कि रोड साइड कंट्रोल एक्ट में यह प्राविधान है कि 60 फीट तक कोई निर्माण नहीं किया जाएगा। इस दायरे के बाद निर्माण करने पर डीएम के जरिए पीडब्लूडी से एनओसी का आवेदन करना होगा। इसके बाद प्राधिकरण से नक्शा भी पास कराना होगा।