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जजों को सम-विषम योजना से नहीं है दिक्कत

Mon, 07 Dec 2015 02:41 PM IST
रिपोर्ट/बीबीसी हिन्दी, नई दिल्ली
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भारत के मुख्य न्यायाधीश के इस बयान का स्वागत किया है कि उन्हें दिल्ली में सम-विषम गाड़ियां चलाने की योजना पर कोई परेशानी नहीं है।
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रविवार को केजरीवाल ने कहा, "अगर सुप्रीम कोर्ट के जज कारपूलिंग करेंगे तो ये हजारों लोगों के लिए प्रेरणादायक होगा। लोग सोचेंगे कि अगर सुप्रीम के जज कर सकते हैं तो हम भी कर सकते हैं।"

पिछले दिनों ही दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि राजधानी में एक दिन सम तो दूसरे दिन विषम नंबर की गाड़ियां चलेंगी.इस तरह नंबर के आख़िर में 1,3,5,7 और 9 विषम संख्या वाली गाड़ियां एक दिन चलेंगी, जबकि 0,2,4,6 और 8 सम संख्या वाली गाड़ियां दूसरे दिन चलेंगी।
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दिल्ली सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए इस योजना को जरूरी बता रही है जबकि कई लोग इस योजना को अव्यवहारिक बता कर इसका विरोध कर रहे हैं।
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चीफ जस्टिस ने कहा नहीं है कोई दिक्कत

केजरीवाल कह चुके हैं कि अगर इस योजना से ज्यादा दिक्कतें हुईं तो इसे वापस लिया जा सकता है। लेकिन भारत के मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने रविवार को अपने निवास पर कुछ पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें सम-विषम नंबर की गाड़ियां चलाने से कोई दिक्कत नहीं है।

दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय ने इस बयान का स्वागत किया। उन्होंने कहा, "ये स्वागतयोग्य और ज़िम्मेदारीपूर्ण बयान है और जिस तरह दिल्ली के लोगों की पल-पल की सांस ज़हरीली हो रही है, उससे निपटने में इस बयान से काफी मदद मिलेगी।"

दूसरी तरफ इस योजना का विरोध भी जारी है। समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल कहते हैं कि दिल्ली में अभी इस तरह की चीजों को लागू करना बड़ी दूर की कौड़ी है।

उन्होंने कहा, "इससे गरीबों पर बोझ पड़ेगा। अमीर आदमी तो सम और विषम, दोनों नंबर की गाड़ी खरीद लेगा। लेकिन उस गरीब से पूछिए जो मोटरसाइकल पर चलता है, स्कूटर पर चलता है।"
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