गाजियाबाद के लाइनपार क्षेत्र में ग्रेटर नोएडा से सटी कालोनियों में जेई-एसडीओ ने बिना अफसरों की जानकारी के बिजली सप्लाई शुरू कर दी। अकबरपुर-बहरामपुर गांवों के बाहर एलएमसी पर बसी अवैध कालोनियों में 10 विद्युत पोल लगा दिए।
यहां पर बिना विद्युत मीटर के अपने स्तर पर कनेक्शन भी जारी कर दिए। सोमवार को मामले का खुलासा होने पर अफसरों में हड़कंप मच गया और सप्लाई काट दी गई। इसके विरोध में लोगों ने राठी बिजलीघर स्थित एक्सईएन का आफिस घेरकर हंगामा किया। चीफ इंजीनियर ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
अकबरपुर-बहरामपुर क्षेत्र में तालाब से आगे नई कालोनी बसी है। पावर कारपोरेशन इसे एलएमसी पर बसी अवैध कालोनी बताकर कनेक्शन नहीं दे रहा था।
एक साल पहले बिल्डर ने एसडीओ-जेई और लाइनमैनों से मिलकर यहां पर रातोंरात 10 पोल की लाइन खड़ी करा ली। बिना मंजूरी के लाइन में सप्लाई भी दे दी गई।
पांच-दस हजार रुपये लेकर मीटर लगाए बिना कनेक्शन दिए गए और हर महीने सप्लाई का बिल भी लिया गया। इसको किसी खाते में कारपोरेशन को अदा नहीं किया गया।
एसई एसबी यादव ने बताया कि यह डूब क्षेत्र है, यहां पर नियमानुसार कनेक्शन नहीं दिए जा सकते। लोग जेई-एसडीओ पर आरोप लगाकर सप्लाई देने की मांग कर रहे थे। फिलहाल मामला दो दिन के लिए टाल दिया गया है।
उधर, सप्लाई बंद होते ही लखनऊ से नेताओं के फोन आने शुरू हो गए। अफसर दबाव में हैं। राजनेता कनेक्शन काटने का विरोध कर रहे हैं। इस मामले में जेई-एसडीओ को दोषी माना जा रहा है।