उत्तराखंड में बादल फटने का असर टीएचए और नोएडा के लोगों पर भी पड़ेगा। बादल फटने से बहकर आई मिट्टी और मलबे की वजह से एहतियातन हरिद्वार से गंगनहर को बंद कर दिया गया है।
15 अगस्त को बंद की गई गंगनहर में पानी कम हो जाने से प्रताप विहार गंगाजल प्लांट बंद हो गया है।
ऐसे में शनिवार की शाम तक नोएडा और टीएचए को गंगाजल सप्लाई हुई, लेकिन रविवार से दोनों क्षेत्रों में गंगाजल की आपूर्ति ठप हो जाएगी।
सिंचाई विभाग ने शनिवार को जल निगम के पास गंगाजल बंदी का मैसेज भेजकर अवगत कराया। प्रताप विहार गंगाजल प्लांट प्रभारी व जल निगम के अधिशासी अभियंता आरके अग्रवाल का कहना है कि रविवार से गंगाजल सप्लाई नहीं की जा सकेगी।
उनका कहना है कि बारिश न हुई तो सिंचाई विभाग ने रविवार को गंगनहर में हरिद्वार से पानी छोड़ने का आश्वासन दिया है।
ऐसे में सोमवार की शाम तक प्लांट में पानी पहुंच सकेगा और मंगलवार को सप्लाई की जा सकेगी। उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी रहा तो गंगनहर बंदी की अवधि और भी लंबी हो सकती है और नोएडा व टीएचए के लोगों को गंगाजल के लिए तरसना पड़ सकता है।
इसके बाद दशहरा से पहले ही गंगनहर को सफाई के लिए करीब 15 दिन के बंद कर दिया जाएगा।
यहां असर
वसुंधरा, वैशाली, ब्रिज विहार, रामप्रस्थ, रामपुरी, चंद्रनगर, सूर्यनगर, कौशांबी, इंदिरापुरम।
गेट बनता तो तरसना न पड़ता
सिंचाई विभाग ने गंगनहर में गेट बनाकर नोएडा और टीएचए के लिए पानी स्टोर करने का प्रस्ताव जल निगम को भेजा था।
चार करोड़ इस प्रोजेक्ट में नोएडा, जीडीए, आविप और नगर निगम फंड दे देते तो गंगनहर में गेट बन गया होता तो करीब 10 दिन के लिए पानी स्टोर किया जा सकता था।