गंगा में सिल्ट का स्तर कम होने के बाद हरिद्वार से अपर गंगा कैनाल में पानी छोड़ दिया गया है। प्रताप विहार तक पानी पहुंचने में दो दिन लगेंगे।
मंगलवार की सुबह तक प्लांट में पानी पहुंचेगा। ऐसे में नोएडा और टीएचए को गंगाजल की किल्लत से दो दिन और जूझना पड़ेगा। बुधवार से दोनों क्षेत्रों की कालोनियों को पानी मिल सकेगा।
उत्तराखंड में बादल फटने के बाद गंगनहर में सिल्ट जमा हो जाने के खतरे को देखते हुए सिंचाई विभाग ने 15 अगस्त को हरिद्वार से नहर को बंद कर दिया था।
पानी न मिलने से शनिवार की शाम प्रताप विहार गंगाजल प्लांट बंद हो गया और रविवार से टीएचए व नोएडा की वाटर सप्लाई।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार यादव ने बताया कि रविवार शाम करीब पांच बजे हरिद्वार से गंगनहर में पानी छोड़ दिया गया है। उनका कहना है कि पानी को गाजियाबाद पहुंचने में दो दिन लगेंगे।
गंगाजल प्लांट के प्रभारी आरके अग्रवाल का कहना है कि मंगलवार की सुबह पानी मिला तो बुधवार से नोएडा और टीएचए की कालोनियों को गंगाजल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
पानी को तरसा हॉट सिटी
प्रताप विहार गंगाजल प्लांट में पानी नहीं आने से रविवार से टीएचए की नौ कालोनियों को पेयजल संकट से जूझना पड़ा। गंगाजल आया नहीं और ट्यूबवेलों के जरिए पर्याप्त पानी नहीं मिल सका।
लाइन में दबाव कम होने की वजह से ज्यादातर घरों में पानी नहीं पहुंचा। महज 10 मिनट ही आपूर्ति हो सकी। वैशाली, वसुंधरा, इंदिरापुरम, कौशांबी, बृजविहार, चंद्रनगर आदि कालोनियों में दिक्कत रही।
नगर निगम ने पेयजल आपूर्ति के लिए ट्यूबवेलों का प्रयोग किया लेकिन लाइन में दबाव ही नहीं रहा।