शनिवार रात को जानकारी जुटाने के बाद कटरा आत्माराम के मकान में छापेमारी की गई। पुलिस ने वहां से किशोरी को बरामद कर लिया। आरोपी उसे दूसरे मकान में शिफ्ट करने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस टीम को देखते ही किशोरी रोने लगी। उसने बताया कि आरोपी पिछले करीब छह माह से उससे जबरन देह-व्यापार करवा रहे थे।
मौके से ही तीनों आरोपी इरशाद, हसीबुल और उसकी पत्नी संजरी को दबोच लिया गया। छानबीन के दौरान टीम को पता चला कि किशोरी और सभी आरोपी अररिया, बिहार के रहने वाले हैं। किशोरी अनाथ थी। यह बात इरशाद को पता चली तो वह धोखे से किशोरी को अगवा कर दिल्ली ले आया। यहां पहले उसे किसी दूसरे मकान में रखा गया था।
हसीबुल और उसकी पत्नी संजरी ग्राहकों का इंतजाम करते थे। पुलिस के डर से यह लोग जल्दी-जल्दी अपने मकान बदलते रहते थे। फिलहाल आरोपी किसी जरीब नामक आरोपी के मकान में पीड़िता से धंधा करवा रहे थे। पुलिस की छापेमारी की भनक लगते ही जरीब अपने साथियों संग फरार हो गया। अब उसकी तलाश की जा रही है।
सदर बाजार थाना पुलिस ने रविवार को आरोपियों के खिलाफ किशोरी को अगवा करने, दुष्कर्म, पॉक्सो, जबरन देह-व्यापार करवाने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। किशोरी की काउंसलिंग कराने के बाद उसे शेल्टर होम में भेज दिया गया है। फिलहाल मामले की छानबीन जारी है।