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मकान मालकिन का कत्ल: बाप को डॉक्टर और गर्लफ्रेंड को CBI अफसर बताता था कातिल, बुजुर्ग प्रेमिका को लेकर खोले राज

Sun, 17 Dec 2023 01:39 PM IST
शाहरुख खान शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के नंद नगरी इलाके में बुजुर्ग महिला को अगवा कर हत्या करने की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। हत्यारोपी गांव धीमरपुरा, अलीगढ़ निवासी देवेंद्र उर्फ देव (31) महिला का किराएदार है। अवैध संबंधों की वजह से उसने बुजुर्ग आशा देवी (60) की बेरहमी से हत्या कर शव को पॉलीथीन में लपेटकर बेड (दीवान) में छिपा दिया और फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी को अलीगढ़ से दबोच लिया।
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Delhi Murder - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के नंद नगरी इलाके में बुजुर्ग महिला को अगवा कर हत्या करने की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। हत्यारोपी गांव धीमरपुरा, अलीगढ़ निवासी देवेंद्र उर्फ देव (31) महिला का किराएदार है। अवैध संबंधों की वजह से उसने बुजुर्ग आशा देवी (60) की बेरहमी से हत्या कर शव को पॉलीथीन में लपेटकर बेड (दीवान) में छिपा दिया। इसके बाद फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी को अलीगढ़ से दबोच लिया।
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दिल्ली के नंद नगरी में आशा देवी की हत्या का आरोपी देवेंद्र खुद को पिता के सामने डॉक्टर और गर्लफ्रेंड के सामने सीबीआई अधिकारी बताता था। आरोपी ने अपने पिता से झूठ बोल दिया था कि वह जर्मनी में रहकर डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा है। पिता पर रौब झाड़ने के लिए आरोपी दिल्ली से किराए के पीएसओ लेकर अलीगढ़ स्थित अपने गांव जा चुका था। पिता पर दबाव बनाकर उनकी तीन बीघा जमीन बिकवा चुका था।

आरोपी गर्लफ्रेंड का भरोसा जीतने के लिए अपने पास वॉकी-टॉकी भी रखता था। उसने गर्लफ्रेंड को झांसा दिया कि वह उसके भाई की सरकारी नौकरी लगवा देगा। पूछताछ में देवेंद्र ने बताया कि 12वीं कक्षा पास करने के बाद वह काम की तलाश में वर्ष 2015 में दिल्ली आया था। यहां उसने तांबे के तार की पैकिंग का काम शुरू किया, लेकिन कोविड की वजह से उसे भारी घाटा हुआ। इसके बाद वह लगातार दो साल बेरोजगार रहा। 
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चार साल पहले वह नंद नगरी ए-ब्लॉक में आशा देवी के मकान में किराएदार के रूप में शिफ्ट हो गया। यहां आशा देवी से उसके अवैध संबंध बन गए। आशा देवी के मकान में एक लड़की से भी दो साल पहले देवेंद्र की दोस्ती हो गई। देवेंद्र ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। गर्लफ्रेंड का विश्वास जीतकर उसने उसे शादी के लिए राजी कर लिया।

विगत चार दिसंबर को देवेंद्र का उसकी गर्लफ्रेंड के साथ रोका हो गया। फरवरी 2024 में दोनों शादी भी करने वाले थे। जब यह बात आशा देवी को पता चली तो वह नाराज हो गई। उसने फोन कर देवेंद्र को मकान पर बुला लिया। यहां जब उसने देवेंद्र से शादी के लिए मना किया तो दोनों में कहासुनी हो गई। 

आशा ने देवेंद्र को थप्पड़ जड़ दिया। देवेंद्र ने आशा के सिर पर ईंट से वार कर दिया। एक ही वार से आशा अचेत होकर गिर गईं। फिर भी उसने कई बार ईंट के वार आशा पर किए। इसके बाद वह शव को पहली मंजिल से घसीटकर ग्राउंड फ्लोर पर ले आया।

600 रुपये में लेकर आया पॉलिथीन
शव से गहने, रुपये निकालकर, हाथ-पांव धोकर घर से बाहर निकल गया। बाजार से आरोपी ने 600 रुपये की पॉलिथीन खरीदी। इसमें शव को अच्छी तरह लपेटकर बेड में डालकर वह फरार हो गया। घटना के चार दिन बाद पुलिस ने आरोपी को अलीगढ़ से दबोच लिया। 

शादी को लेकर हुआ विवाद
दरअसल, आरोपी देवेंद्र की शादी तय हो गई थी। आशा को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने इसका विरोध जताकर देवेंद्र को हर्ष विहार स्थित मकान पर बातचीत के लिए बुला लिया। वहां आशा देवी ने अपने जिंदा रहने तक देवेंद्र को शादी न करने का दबाव बनाया। इस बात पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई और आशा ने देवेंद्र को थप्पड़ मार दिया। 


 

इसी बात पर आरोपी ने ईंट से वार कर आशा की हत्या कर दी। बाद में शव को पॉलीथीन में लपेटकर बेड में डाला। आशा के 13 हजार रुपये और पहने हुए जेवरात लूटकर आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद आशा का शव परिवार के हवाले कर दिया है। 

 

आरोपी देवेंद्र से पूछताछ कर रुपये और बुजुर्ग आशा देवी के जेवरात बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है। घटना के खुलासे के बाद बुजुर्ग आशा देवी और देवेंद्र का परिवार काफी हैरान है। पुलिस सीडीआर और बाकी सबूतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

यह था पूरा मामला
आशा देवी अपने परिवार के साथ दिलशाद गार्डन में रहती थीं। इनके पति हरि राम की काफी समय पहले मौत हो गई थी। आशा के नंद नगरी ए-ब्लॉक और हर्ष विहार में दो मकान थे। 10 दिसंबर को आशा नंद नगरी में किराया लेने जाने की बात कर निकली। इसके बाद वह वापस नहीं लौटीं। परिजनों ने उनको तलाश किया।

 

बाद में 13 दिसंबर को उनके बेटे महावीर सिंह ने आशा देवी की गुमशुदगी नंद नगरी थाने में दर्ज करा दी। इस बीच परिवार भी उनकी तलाश करता रहा। शुक्रवार को परिजन हर्ष विहार स्थित मकान पर पहुंचे तो उनको घर का दरवाजा खोलते ही तेज दुर्गंध आई। ग्राउंड फ्लोर पर बेड को खोलकर देखा गया तो उसमें आशा देवी की लाश मिली।

 

मामले की सूचना पुलिस को दी। क्राइम टीम के अलावा एफएसएल की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। सीडीआर और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पड़ताल शुरू की गई। छानबीन के दौरान पता चला कि 10 दिसंबर से आशा देवी के नंद नगरी स्थित मकान में रहने वाला किराएदार देवेंद्र उर्फ देव फरार है।

 
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शनिवार को एक टीम टेक्निकल सर्विलांस की जांच करते हुए अलीगढ़ उसके गांव पहुंची। वहां से आरोपी को दबोच लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि उसने परेशान होकर गुस्से में वारदात को अंजाम दिया। आशा देवी उसे शादी नहीं करने दे रही थी।
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