दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों को पक्का किये जाने की योजना पहले ही बनाई जा चुकी है। संसद के शीतकालीन सत्र में इसके लिए विशेष कानून पारित कर दिया जाएगा। इसके बाद नोटिफिकेशन जारी होगा जिसके बाद लोग अपनी जमीनों/फ्लैट्स की रजिस्ट्री करा सकेंगे।
लेकिन सरकार की योजना इससे आगे की है। सरकार इन कच्ची कॉलोनियों को आधुनिक तरीके से विकसित करने की योजना बना रही है। इसके तहत किसी भी कॉलोनी के लोगों की सहमति से उनकी जमीन ली जाएगी, उन पर आलीशान ऊंची-ऊंची बहुमंजिला इमारतें बनाई जाएंगी।
जमीन मालिकों को उनकी जमीन के हिसाब से फ्लैट विकसित करके दिए जायेंगे। इससे लोगों को बेहतर जिंदगी मिल सकेगी और कच्ची कॉलोनियों में भी वीआइपी इलाकों की तरह बीच-बीच में स्कूल, पार्क और समुदाय घरों की सुविधा दी जा सकेगी। स्वयं प्रधानमंत्री आने वाले समय में इस योजना की घोषणा कर सकते हैं।
यहां भी गुजरात मॉडल
बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक़ मुंबई और गुजरात के कई इलाकों से झुग्गी-झोपड़ियों को खत्म करने के लिए इसी तरह की योजना सफलतापूर्वक चलाई जा चुकी है। अब केंद्र सरकार उसी तर्ज पर दिल्ली को भी झुग्गी-झोपड़ी मुक्त करने की तैयारी कर रही है। नेता के मुताबिक, इस योजना से किसी भी एरिया में लोगों को वह सभी सुविधाएं दी जा सकेंगी जो एक आधुनिक शहरी परिवार को चाहिए होता है।
इस योजना के तहत किसी एरिया को विकसित करने के लिए उस एरिया के एक निश्चित संख्या में न्यूनतम लोगों को सहमत होना होगा। इसके बाद ही उस एरिया को इस योजना के अंतर्गत विकसित किया जायेगा। योजना के प्रति लोगों को आकर्षित करने के लिए उन्हें नकद राशि दिए जाने की भी संभावना है। दावा है कि इस तरीके से विकसित फ्लैट का मूल्य उन प्लॉट की कीमतों से बहुत अधिक होगा जिन पर इन्हें विकसित किया जाएगा।
इस योजना से भी लाभ
जमीनों को पक्का करने की योजना में भी सरकार यह सुविधा देने जा रही है कि कृषि भूमि वाले इलाकों में भी किसान अपनी जमीनों पर बड़ी कॉलोनी विकसित कर सकेंगे। अभी एग्रीकल्चर लैंड यूज कानूनों के चलते ऐसा करने में क़ानूनी अड़चन आती है जिसे अब पूरी तरह समाप्त कर दिया जायेगा। इससे दिल्ली की आवासीय समस्याओं को ख़त्म किया जा सकेगा। जिन जमीनों पर छोटे-छोटे प्लाट हैं उन जगहों पर किसी बड़े बिल्डर या सरकारी एजेंसी डीडीए के जरिये क्षेत्र को विकसित किया जायेगा।
सुरक्षा बढ़ेगी
दरअसल, दिल्ली कई मायनों में असुरक्षित होती जा रही है। आये दिन होते अपराध ने पुलिस की नींद उड़ा रखी है। एजेंसियों का मानना है कि अवैध कच्ची बस्तियों में ऐसे अपराधी आसानी से छिपते हैं। साथ ही, इन बस्तियों में अच्छे माहौल के न मिल पाने के कारण बच्चों के गलत राह पर भटकने की संभावनाएं ज्यादा होती हैं। सरकार को उम्मीद है कि इन कॉलोनियों को विकसित करने के बाद दिल्ली में हो रहे अपराध पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
दिल्ली चुनाव में सबसे बेहतर चाल साबित होगी योजना
अरविन्द केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में अनेक सुविधाएँ मुफ्त में देने की शुरुआत कर दी है। सरकार 200 यूनिट तक बिजली, 20 हजार लीटर तक पानी और डीटीसी बसों में महिलाओं को मुफ्त सफर कराने की योजना लागू कर चुकी है। इससे आम आदमी पार्टी को तगड़ा राजनीतिक लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
यही कारण है कि बीजेपी सहित अन्य सभी विपक्षी दलों की नींद उडी हुई है। बीजेपी का अनुमान है कि अगर दिल्ली की कॉलोनियों को बेहतर तरीके से विकसित करने की योजना लागू कर दी जाती है तो इससे उसे बढ़त मिलेगी और वह दिल्ली की सत्ता के पास पहुँच सकेगी।