इस पर मोहाली के पुलिस अधीक्षक मनप्रीत सिंह ने हरियाणा पुलिस से उनके काफिले को रोके जाने का कारण पूछा मगर हरियाणा पुलिस ने बग्गा की गिरफ्तारी की वजह से पंजाब पुलिस को आगे बढ़ने नहीं दिया, बल्कि पौने दो घंटे के बाद हरियाणा पुलिस बग्गा को पंजाब पुलिस की गाड़ी में ही थाना सदर थानेसर लेकर पहुंची। इस दौरान बग्गा के समर्थक थाने के बाहर एकत्रित होने लगे और उन्होंने हंगामा करते हुए पंजाब पुलिस व दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ खूब नारेबाजी शुरू कर दी।
थानेसर थाने से हरियाणा पुलिस ने दिल्ली पुलिस को बग्गा को अपनी कस्टडी में लेने की सूचना दी गई, जिसके डेढ़ घंटे बाद दिल्ली आउटर के डीसीपी समीर शर्मा पुलिस बल के साथ थाने में पहुंच गए। उसके 10 मिनट बाद ही दिल्ली वेस्ट के डीसीपी प्रशांत गौतम सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
थाने में हरियाणा, दिल्ली और पंजाब पुलिस के बीच आधे घंटे चली मंत्रणा के बाद तजिंदर सिंह बग्गा को दिल्ली पुलिस के हवाले किया गया। उसके बाद दिल्ली पुलिस के अधिकारी बग्गा को लेकर दिल्ली की ओर रवाना हो गए। हरियाणा की ओर से कुरुक्षेत्र सीआई-टू के प्रभारी प्रतीक कुमार को दिल्ली पुलिस टीम के साथ भेजा गया। वहीं बग्गा के समर्थक भी दिल्ली पुलिस के पीछे-पीछे हो लिए। उनका कहना था कि वह तजिंदर सिंह बग्गा को सुरक्षित दिल्ली पहुंचा कर ही लौटेंगे।
पंजाब पुलिस को थाने में रोका
हरियाणा पुलिस ने पंजाब पुलिस के अधिकारी और उनकी टीम को थाने में रोके रखा। इस मामले को लेकर पंजाब के एडीजीपी सरत चौहान भी थानेसर सदर थाने में पहुंचे। वहीं मोहाली के पुलिस अधीक्षक मनप्रीत सिंह ने बग्गा की गिरफ्तारी को लेकर कहा कि गिरफ्तारी से पहले बग्गा को पांच नोटिस दिए गए थे। उसके बाद उनकी गिरफ्तारी कानूनी तरीके से की गई है। हरियाणा पुलिस ने उनको रोका उसके लिए हरियाणा पुलिस ने बातचीत चल रही है।