सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय को होली जेल में ही मनानी होगी। सु्प्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुब्रत रॉय की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने अंतरिम जमानत की मांग की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह जमानत देने के लिए तैयार हैं लेकिन सहारा को निवेशकों के पैसे लौटाने पर ध्यान देना चाहिए।
सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया था कि उन्हें अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है। उल्लेखनीय है कि सुब्रत रॉय के साथ उनकी कंपनी के दो निदेशकों को भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से दिल्ली के तिहाड़ जेल में 4 मार्च से रखा गया है।
लाखों निवेशकों के करोड़ों रुपये नहीं लौटाने का मामला
65 साल के सुब्रत रॉय को पुलिस ने लखनऊ में 28 फरवरी को गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि उनकी दो कंपनियों ने लाखों निवेशकों के 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं चुकाए हैं।
सहारा की याचिका थी कि उन्होंने कोर्ट की कोई अवमानना नहीं की है इस कारण उनकी गिरफ्तार करना अवैध है।
उनके वकील ने उनकी ओर से कोर्ट में कहा कि सहारा कोर्ट के मुताबिक चलने को तैयार हैं। और सभी निवेशकों पैसे लौटाने के लिए राजी हैं।
फेंकी थी स्याही, कहा था चोर
सुप्रीम कोर्ट के परिसर के बाहर एक वकील ने सहारा प्रमुख सुब्रत राय के ऊपर स्याही फेंक दी थी। खुद को ग्वालियर का वकील बता रहे मनोज शर्मा ने सुब्रत के कार से उतरते ही उन पर स्याही फेंक दी।
शर्मा ने कहा कि सुब्रत चोर हैं और उन्होंने गरीबों का पैसा लूटा है, इसलिए मैंने सुब्रत पर स्याही फेंकी। पुलिस इस घटना के बाद शर्मा को अपने साथ ले गई।