उधर, दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'आज स्वतंत्रता दिवस है, जब 1947 में भारत को अंग्रेजों की तानाशाही से आजादी मिली। सैंकड़ों स्वतंत्रता सैनानियों ने लाठियां खायीं, जेल गये और अपनी जान की कुर्बानी दी- हमें यह आज़ादी दिलवाने के लिए। उनके सपनों में भी ऐसा विचार नहीं आया होगा कि एक दिन, आज़ाद भारत में, एक चुने हुए मुख्यमंत्री को झूठे मुकदमे में फंसा कर महीनों तक जेल में रखा जाएगा। आइये इस स्वतंत्रता दिवस पर हम ये प्रण लेते हैं कि आखिरी सांस तक तानाशाही के खिलाफ लड़ते रहेंगे।