नोएडा और मेरठ से एनसीआर का सफर आसान होने जा रहा है। दरअसल, बेरोकटोक सफर के लिए बनाई गई एनसीआर बस कनेक्टिविटी योजना को दिल्ली ने हरी झंडी दिखा दी है। यूपी रोडवेज के परमिट पर दिल्ली परिवहन विभाग ने काउंटर साइन कर दिए हैं। अब हरियाणा और राजस्थान से काउंटर साइन होना बाकी हैं। रोडवेज का नोएडा रीजन दिल्ली-एनसीआर के आधा दर्जन से ज्यादा रूटों पर बसों का संचालन करेगा।
दिल्ली से एनसीआर के सभी शहर जुड़े हुए हैं, लेकिन एनसीआर के शहरों के बीच सीधी कनेक्टिविटी का कोई साधन नहीं है। इसके चलते यात्रियों को दिल्ली के धक्के खाने पड़ते हैं। यूपीएसआरटीसी (उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम) ने दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के आधा दर्जन से ज्यादा शहरों को आपस में जोड़ने के लिए सितंबर में 22 परमिट जारी किए थे।
बसों का संचालन दिल्ली के रास्ते होना है, इसलिए इन परमिट को काउंटर साइन के लिए दिल्ली परिवहन विभाग के पास भेजा गया था। करीब पौने तीन महीने बाद विभाग ने यूपी रोडवेज की एनसीआर बस कनेक्टिविटी योजना का रास्ता साफ किया है।
हरियाणा के चार और राजस्थान के एक रूट पर यूपी रोडवेज की बसें चलेंगी, इसलिए दिल्ली से काउंटर साइन होने के बाद परमिट हरियाणा और राजस्थान के परिवहन विभाग के पास भेज दिए गए हैं। वहीं, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बीच नए रूटों पर बसों का संचालन शुरू हो गया है। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक मेरठ और नोएडा के अलावा कई शहरों को इसका फायदा मिलेगा।
एक रूट पर सेवा शुरू
दिल्ली से काउंटर साइन होते ही रोडवेज ने बस संचालन शुरू कर दिया है। नोएडा से आनंद विहार आईएसबीटी, नंद नगरी, गोकलपुरी, लोनी, खेकड़ा और बागपत होकर बड़ौत के लिए बस चला दी गई है। 71 किलोमीटर लंबे इस रूट पर सफर करने के लिए 64 रुपये किराया चुकाना होगा।