सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक कोर्स करने वाले छात्र अब एक नहीं दो व्यावसायिक कोर्स में पारंगत होंगे। कक्षा 9 से 12 तक पढ़ने वाले छात्रों को चार साल में दो तरह की नौकरी में अवसर तलाशने के लिए हुनरमंद करने के दिशा निर्देश निदेशालय की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को जारी किए गए हैं।
सरकारी स्कूलों में नेशनल स्किल क्वॉलीफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के तहत कई वोकेशनल कोर्स कराए जाते हैं। इसमें हाल ही में मेडिकल हेल्थ का प्रशिक्षण भी शामिल किया गया है। अब नए शैक्षणिक सत्र से इसमें एक और बदलाव के निर्देश जारी कर छात्रों को एक के बजाय दो कोर्स में पारंगत करने का प्रावधान रखा है। इसमें पहले कोर्स प्रशिक्षण शुरू के दो साल 9वीं व 10वीं कक्षा में दिया जाएगा। दूसरे कोर्स का प्रशिक्षण आगामी दो वर्ष 11वीं व 12वीं कक्षा में दिया जाएगा। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से यह प्रस्ताव पास किया गया है। निर्देश अनुसार फिलहाल मॉडल स्कूलों में यह व्यवस्था लागू नहीं की जाएगी।