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लॉकडाउन: दिल्ली लौटे कोटा में फंसे करीब 500 छात्र-छात्राएं, सभी स्वस्थ

Sun, 03 May 2020 08:43 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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छात्र-छात्राओं को लेकर कश्मीरी गेट पहुंची बसें - फोटो : हिमांशु सोनी
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लॉकडाउन के कारण राजस्थान के कोटा में फंसे दिल्ली के छात्र-छात्राएं रविवार सुबह वापस राजधानी लौट आए। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की 40 बसों में सवार होकर करीब 500 छात्र-छात्राएं कश्मीरी गेट अंतरराज्यीय बस टर्मिनल पहुंचे। 

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दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि सभी छात्र-छात्राओं को कश्मीरी गेट में मेडिकल परीक्षण के बाद ही उनके घर भेजा जाएगा। 

कश्मीरी गेट बस अड्डे पर हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। यहां से छात्रों को उनके घर जाने में सहायता के लिए डॉक्टरों, पुलिसकर्मियों, परिवहन, नागरिक सुरक्षा और अन्य कर्मियों को हेल्प डेस्क पर तैनात किया गया है।

दिल्ली सरकार के सेंट्रल नोडल अधिकारी राजीव सिंह ने कहा कि कोटा से कुल 480 छात्रों को लाया गया है। सभी लोग स्वस्थ हैं। मालूम हो कि कोटा में मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करने के लिए देश के कई हिस्सों से भारी संख्या में छात्र-छात्राएं जाते हैं। 
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कोरोना वायरस के कारण देशभर में लगाए गए लॉकडाउन के कारण पिछले कई सप्ताह से दिल्ली के छात्र-छात्राएं वहां फंस गए थे और चाहकर भी घर नहीं लौट पा रहे थे। दिल्ली में उनके अभिभावकों ने सरकार से उन्हें वापस लाने का आग्रह किया था। 

इसके बाद शनिवार को दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की 40 बसों को कोटा के लिए रवाना किया गया था। बसें कल सुबह 10 बजे कोटा पहुंच गई थीं। वहां सभी को मेडिकल परीक्षण के बाद ही वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। 

परिवहन मंत्री गहलोत ने बताया कि बच्चों को वापस लाने के दौरान सामाजिक दूरी के नियमों का सख्ती से पालन किया गया। एक बस में अधिकतम 20 बच्चे सवार होकर वापस लौटे।

मंत्री कैलाश गहलोत ने बसों के पहुंचने से पहले ट्वीट कर सभी बच्चों के अभिभावकों से कश्मीरी गेट न पहुंचने की अपील की थी। उन्होंने ट्वीट किया था कि जो छात्र-छात्राएं कोटा से आ रहे हैं उन सभी के अभिभावकों से मेरा अनुरोध है की कृपया कोई भी कश्मीरी गेट आईएसबीटी न आएं। सभी बच्चों को सकुशल घर पहुंचाना दिल्ली सरकार की जिम्मेदारी है।

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