जिले में 511 परिषदीय स्कूल हैं। इसमें करीब 98 हजार छात्र पढ़ते हैं। यहां पर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों व अलग-अलग राज्यों से आकर छात्र पढ़ रहे हैं। इसलिए शिक्षकों के लिए जल्द ही शब्दकोश पुस्तक पहुंचाई जाएगी। अगर कोई शिक्षक पूर्वी उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और पश्चिम उत्तर प्रदेश में तैनात है तो यह पुस्तक छात्र को उसकी भाषा में पढ़ाने में मददगार साबित होगी।
नए सत्र से यह दूसरी तक के छात्रों के लिए लागू होगी। यहां पर बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के भदोही, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, मिज़ार्पुर, गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, मथुरा, जालौन, बांदा, झांसी, महोबा, कुशीनगर समेत जनपदों से आकर लोग रह रहे हैं। यहां क्षेत्रीय भाषा भोजपुरी, अवधी, ब्रज, बुंदेली आदि प्रमुख रूप से बोली जाती है। इन छात्रों को अपनी क्षेत्रीय भाषा में पढ़ने का मौका मिलेगा। शिक्षा विभाग का कहना है कि इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।