दो स्टूडेंटों की रहस्यमय हालात में हुई मौत से लखनऊ की फोरेंसिक टीम ने पर्दा उठा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट में पुलिस की आत्महत्या की कहानी झूठी निकली है।
फोरेंसिक जांच में आया है कि नवोदय विद्यालय के हाईस्कूल के छात्र त्रिवेश (15) और बीटेक स्टूडेंट मोहित (25) ने आत्महत्या नहीं की थी, उनकी हत्या की गई थी।
त्रिवेश की मां लाजवंती ने मसूरी थाने में पांच स्टूडेंट्स के खिलाफ रिपोर्ट लिखा दी है। आरोपी स्टूडेंट्स में से दो छात्र 12वीं करके स्कूल से जा चुके हैं, जबकि तीन 10वीं, 11वीं और 12वीं में पढ़ते हैं।’
दूसरी तरफ, मोहित के परिजन सोमवार को एसएसपी से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे। बता दें कि 22 नवंबर 2013 को लखनऊ की एफएसएल टीम ने दोनों मामलों की जांच की थी। डेमो करके देखा था।
केस-1
12 अगस्त 2012 को मसूरी थाना क्षेत्र के बडायला स्थित नवोदय विद्यालय केहाईस्कूल के छात्र त्रिवेश की रहस्यमय हालात में मौत हो गई थी।
उसका शव विद्यालय के शौचालय में मिला था। शव तौलिये से लोहे की सरिया से लटका था। त्रिवेश दिल्ली के समोली का रहने वाला था।
तत्कालीन मसूरी थानाध्यक्ष पीके सिंह ने बताया था कि ‘त्रिवेश ने आत्महत्या की है, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी मौत की वजह हैंगिंग आई है।’ जबकि परिजन हत्या का मामला बता रहे थे।
केस-2
4 नवंबर 2013 को कविनगर थाना क्षेत्र में चिरंजीव विहार स्थित गुलमोहर अपार्टमेंट के 8 मंजिला बिल्डिंग से गिरकर मोहित रघुवंशी की रहस्यमय हालात में मौत हो गई थी। अपार्टमेंट में लगे सीसी कैमरों में मोहित दो बार अपार्टमेंट में जाते हुए दिख रहा था।
उसके परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए कविनगर थाने में तहरीर दी थी। उसके पिता चंद्रमोहन रघुवंशी नगर निगम के सरकारी कांट्रेक्टर हैं। इनका परिवार महेंद्रा एंक्लेव के पास एमपी नगर में रहता है।