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मोबाइल गेम खेलने से रोकने पर की थी छात्र ने खुदकुशी

Thu, 01 Aug 2019 10:20 PM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा

सार

- पंचशील ग्रीन सोसायटी में 14वीं मंजिल से गिरकर 10वीं के छात्र की मौत का मामला 
- अर्पित ने सहपाठी को फोन कर स्कूल नहीं आने की दी थी जानकारी, दूसरी कॉल नहीं हुई रिसीव 
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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बिसरख कोतवाली क्षेत्र की पंचशील ग्रीन सोसायटी में बीते बुधवार की शाम 14वीं मंजिल से गिरकर दम तोड़ने वाला अर्पित शिवाच रायन स्कूल में 10वीं का छात्र था। पुलिस का कहना है कि मोबाइल पर गेम खेलने पर उसकी मां ने डांट दिया था। इससे क्षुब्ध होकर वह घर से चला गया। इसके बाद उसने सोसायटी की 14वीं मंजिल से कूदकर खुदकुशी कर ली। इससे पहले अर्पित ने अपने एक सहपाठी को दो कॉल भी कीं थीं। एक बार उसकी बात हुई लेकिन दूसरी काल रिसीव नहीं हुई थी। 

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शहर की एडब्ल्यूएचओ सोसायटी में नवीन शिवाच परिवार के साथ रहते हैं। उनका बेटा अर्पित ग्रेटर नोएडा के रायन स्कूल में 10वीं में पढ़ता था। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार रात अर्पित मां के मोबाइल पर गेम खेल रहा था। समझाने के बाद भी जब वह नहीं माना तो इस पर उसकी मां ने डांट दिया और मोबाइल छीन लिया। रात में अर्पित नाराज होकर सो गया, लेकिन बुधवार सुबह वह घर से निकल गया। काफी देर होने पर भी जब अर्पित घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बीटा-2 थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि परिजनों ने थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इस पर उसने अर्पित के फोटो लाने को कहा गया था। उसी रात करीब 11 बजे बिसरख कोतवाली पुलिस ने सभी थाना पुलिस को पंचशील ग्रीन में 14वीं मंजिल से गिरकर छात्र की मौत के फोटो व्हाट्सएप पर पोस्ट किए। इसे देखते ही बीटा-2 पुलिस ने अर्पित को पहचान लिया और परिजनों को सूचना दी।  

सहपाठी कॉल रिसीव कर लेता तो शायद बच जाती जान 
पुलिस के मुताबिक, छात्र ने सहपाठी को पहली कॉल घर से निकलने के बाद की थी। अर्पित ने उससे कहा था कि वह स्कूल नहीं आएगा। इसे सहपाठी ने गंभीरता से नहीं लिया और वह स्कूल चला गया। इसके बाद दोपहर लगभग तीन बजे अर्पित ने दोबारा सहपाठी के मोबाइल पर कॉल की। यह कॉल रिसीव नहीं हुई। तब तक सहपाठी को सोशल मीडिया व उसके परिजन के माध्यम से अर्पित के लापता होने की जानकारी हो गई थी। इस पर उसने तुरंत उस नंबर पर कॉल कर अर्पित के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि अर्पित ने किसी किसी राहगीर के नंबर से फोन किया था और फिर कहीं चला गया। पहली कॉल भी उसने इसी तरह की थी। पहली कॉल की जानकारी मिलते ही परिजन सहपाठी के संपर्क में थे और उन्होंने दूसरी कॉल आने पर अर्पित को उलझाए रखने की बात कही थी। इस आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता कि दूसरी कॉल रिसीव होने पर परिजन व पुलिस अर्पित तक पहुंचकर उसकी जान बचा सकते थे। 
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बीस किमी दूर सुसाइड करने पर उठ रहे सवाल 
अर्पित बीटा-2 थानाक्षेत्र की एडब्ल्यूएचओ सोसाइटी में रहता था। उसने ग्रेनो वेस्ट की पंचशील ग्रीन सोसायटी से कूद कर जान दे दी। अर्पित के घर और घटनास्थल की दूरी लगभग 20 किमी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि वह पंचशील ग्रीन सोसायटी क्यों पहुंचा। आशंका है कि सोसायटी में अर्पित का कोई परिचित या मित्र रहता हो। फिलहाल ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली। अर्पित यहां देर तक घूमता रहा था। उसके पिता नवीन कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं। वह बेटे की मौत से आहत हैं। उनका कहना है कि अर्पित सुसाइड नहीं कर सकता। उन्होंने इस मामले में किसी से अधिक बात नहीं की और बेटे का शव लेकर जेवर स्थित पैतृक गांव चले गए। यह भी पता चला कि अर्पित पढ़ाई में काफी होशियार था और परीक्षा में उसके अच्छे अंक आते थे। 

अर्पित के चाचा दिल्ली क्राइम ब्रांच में निरीक्षक के पद पर तैनात हैं। उन्होंने पुलिस को मामले में कोई कार्रवाई न करने की बात लिखकर दी है। पड़ताल में पता चला कि मोबाइल गेम खेलने को लेकर अर्पित की मां ने उसे डांटा था। इससे क्षुब्ध होकर अर्पित ने खुदकुशी की है। - मनोज पाठक, बिसरख कोतवाली प्रभारी
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