पुलिस ने लोगों को समझाया कि आरोपी की गिरफ्तार हो चुकी है, ऐसे में कैंडल मार्च की जरूरत नहीं है। इससे लोग गुस्से में आ गए और पथराव करने लगे। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर लोगों को वहां से भगा दिया। थोड़ी देर बाद काफी लोग थाने पर पहुंच गए और आस-पास की सड़कें टूटी होने की वजह से वहां से पत्थर उठाकर थाने में पथराव करने लगे। पुलिस की गाड़ियां तोड़फोड़ दी। करीब आधे घंटे तक लोगों ने उपद्रव किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि लोगों को भगाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले तक छोड़े।
पुलिस कैंडल मार्च के आयोजक संतोष कुमार झा को तलाश कर रही है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि संतोष झा ने कैंडल मार्च की इजाजत नहीं मिलने पर भीड़ को उकसाया। मुख्य आरोपी संतोष झा फरार है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों और विडियो फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में मामला दर्ज कर सबकी गिरफ्तारी की जाएगी।