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एयरलाइंस स्टाफ का अमानवीय चेहरा: 84 वर्षीय महिला को एसी बंद कर जहाज में छोड़ा... घंटों प्रताड़ना से हुईं अचेत

Mon, 08 Jul 2024 07:27 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

बुजुर्ग महिला के बेटे सुशील ने आरोप लगाया कि एयरलाइंस स्टाफ की वजह से उनकी मां की तबीयत बिगड़ी है। एक पल को उनको लगा था कि वह शायद आज मां को खो देंगे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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आईजीआई एयरपोर्ट पर रविवार शाम निजी एयरलाइंस स्टाफ का अमानवीय चेहरा सामने आया है। उच्च मधुमेह और अन्य गंभीर बीमारी से ग्रसित 84 साल की बुजुर्ग महिला शशिकला गोस्वामी अपने बेटे के साथ निजी एयरलाइंस से जयपुर से दिल्ली पहुंचीं। हवाई जहाज के लैंड करने के बाद बुजुर्ग के बेटे सुशील गोस्वामी ने एयरलाइंस स्टाफ से मां के लिए व्हीलचेयर मांगी।

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स्टाफ ने कुछ देर में व्हीलचेयर आने की बात की और मशगूल हो गया। धीरे-धीरे पूरा जहाज खाली हो गया। पायलट भी जहाज का एसी बंद कर वहां से चले गए। एसी बंद होने पर पहले से बीमार बुजुर्ग का जहाज में दम फूलने लगा। बार-बार गुजारिश करने के बाद भी जब व्हीलचेयर नहीं आई तो सुशील मां को गोद में उठाकर किसी तरह जहाज से बाहर निकले।

इसके बाद लगेज उतार रहे स्टाफ से मिन्नत की गई कि वह उनकी व्हीलचेयर जहाज से उतार दें। सामान उतार रहे स्टाफ का दिल पसीजा और उन्होंने सुशील की मां की अपनी व्हीलचेयर उनके सुपुर्द कर दी। बुजुर्ग शशिकला को जहाज के पास व्हीलचेयर पर बिठा दिया गया। चूंकि जहाज से मुख्य इमारत से दूर थी, ऐसे में उन्होंने ग्राउंड स्टाफ से मदद मांगी।

इस दौरान शुगर लेवल कम होने के कारण बुजुर्ग अचेत हो गईं। किसी तरह उनको टर्मिनल-3 (टी-3) पहुंचाया गया। जहां सुशील और शशिकला को लेने आए बड़े बेटे ने मां को कार में बिठाया और घर ले गए। घर पहुंचकर उनको इलाज करवाया गया। सुशील ने बताया कि छोटे से सफर के लिए उनकी मां को छह घंटे प्रताड़ित किया गया। फिलहाल परिवार ने मामले में अभी कोई शिकायत नहीं दी हैं।

पेशे से लेखक और बड़ी राजनीतिक पार्टी के लिए विज्ञापन का कंटेंट बनाने वाले सुशील जयपुर के अलावा दिल्ली और मुंबई में रहते हैं। इनकी बुजुर्ग मां शशिकला गोस्वामी जयपुर में सुशील के साथ रहती हैं। सुशील के बड़े भाई अवनीश गुरुग्राम में रहते है। रविवार को अपने बड़े बेटे के साथ दिल्ली आ रही थीं।

शाम सात बजे जयपुर हवाई अड्डे से इनकी फ्लाइट थी। सुशील मां को लेकर छह बजे एयरपोर्ट पहुंचे। वहां पहुंचकर सुशील को पता चला कि इनकी फ्लाइट करीब डेढ़ घंटा लेट है। करीब 8.22 बजे निजी कंपनी की एयरलाइंस जयपुर से दिल्ली पहुंची। यहां करीब 9.22 पर जहाज दिल्ली के एयरपोर्ट पर उतर गया।

इसके बाद बुजुर्ग के साथ यह परेशानी हुई। एयरपोर्ट से निकलते-निकलते बुजुर्ग और उनके बेटे को पौने 11 बज गए। बहुत जद्दोजहद करने के बाद हवाई जहाज के पायलट और सह-पायलट ने उनको कार से टी-3 पर छोड़ा। बुजुर्ग का शुगर लेवल जांचा गया तो वह महज 56 पर था। फौरन डॉक्टर से संपर्क कर बुजुर्ग शशिकला को मीठा पेय पिलाया गया।
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इसके बाद उनकी तबीयत में सुधार हुआ। सुशील ने आरोप लगाया कि एयरलाइंस स्टाफ की वजह से उनकी मां की तबीयत बिगड़ी है। एक पल को उनको लगा था कि वह शायद आज मां को खो देंगे। लेकिन समय पर मां की मदद होने की वजह से उनकी जान बच गई।
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