जांच के बाद पुलिस ने जातिन लांबा, हर्षद मदान और विकास गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद टोरंटो से जयंत भाटिया और एफबीआई ने अमेरिका से कुलविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
स्पेशल सेल ने देश में बैठकर अमेरिका के नागरिकों को ठगने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से कनाडा व अमेरिका से भी एक-एक आरोपी दबोचा गया है। आरोपी दिल्ली में कॉल सेंटर चलाकर तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के नाम पर ठग रहे थे। आरोपी 20 हजार से ज्यादा लोगों को ठग चुके हैं। वर्ष 2012 से 2020 तक अमेरिका की अर्थव्यवस्था को आरोपियों ने करीब 82 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है।
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स्पेशल सेल की आईएफएसओ के डीसीपी प्रशांत पी गौतम के अनुसार, अमेरिका की सेंट्रल एजेंसी एफबीआई के जरिये सीबीआई के जरिए दिल्ली पुलिस को सूचना मिली थी कि दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों में कॉल सेंटर चलाकर अमेरिका के सीनियर सिटीजन को ठग रहे हैं। आरोपी तकनीकी सहायता देने के नाम पर पैसे ऐंठे जा रहे हैं। आईएफएसओ ने अमेरिका के दो पीड़ितों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में पुलिस ने पश्चिमी दिल्ली में संचालित पीसी कंप्यूटर एंड केयर और संबंधित कॉल सेंटर का पता लगाया। इन कॉल सेंटर से अमेरिका के नागरिकों के कंप्यूटर में पहले परेशानी आने की बात बताई जाती। इसके बाद कंप्यूटर को हैक करने वाला सॉफ्टवेयर लोड कराकर खाते सहित अन्य कई निजी जानकारियां चुरा ली जाती थीं। इसके बाद आरोपी सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर सहायता करने के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे।
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जांच के बाद पुलिस ने जातिन लांबा, हर्षद मदान और विकास गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद टोरंटो से जयंत भाटिया और एफबीआई ने अमेरिका से कुलविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली में गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।