हाईकोर्ट ने पाकिस्तानी गर्लफ्रेंड को देश की गोपनीय जानकारी देने के मामले में बर्खास्त सीआईएसएफ के सिपाही को राहत प्रदान करने से इंकार कर दिया।
अदालत ने उसकी बर्खास्तगी के फैसले को उचित ठहराते हुए कहा कि उसने देश विरोधी काम किया था। न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी व वी. कामेश्वर राव की खंडपीठ ने याची के उस तर्क को अस्वीकार कर दिया कि उसने कोई गुप्त जानकारी नहीं दी, बल्कि उसने तो कह दिया था कि भारतीय बिकते नहीं हैं। वह 11 साल से देश की सेवा कर रहा है।
अदालत ने कहा कि याची ने फेसबुक अकाउंट बनाते हुए अपने बैंक अकाउंट, पते व अन्य जानकारियों के साथ कुछ गोपनीय बातें भी शेयर की थीं, जिन्हें दरकिनार नहीं किया जा सकता।
अदालत ने कहा कि सिपाही सेना का प्रशिक्षित सदस्य था और उसे सेना के संसाधन, कार्यप्रणाली के बारे में पूरी जानकारी थी। उसके द्वारा जानकारी लीक करना सेना व जनहित के विरुद्व है।