नरेला औद्योगिक क्षेत्र के भोरगढ़ श्मशान घाट के पास जंगल में मवेशियों को काटे जाने का मामला सामने आया है। दो सप्ताह पूर्व जंगल में खून और मवेशियों के अवशेष मिलने के बाद गांव वाले रात में गश्त करने लगे थे।
रविवार तड़के ग्रामीणों को देखकर तस्कर अपनी स्कॉर्पियो कार मौके पर छोड़कर फरार हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से इंजेक्शन, छुरे, हथियार व चार मवेशियों के अवशेष बरामद किए। पुलिस आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस ने स्थानीय निवासी रॉकी राणा के बयान पर तस्करों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, रविवार तड़के स्थानीय निवासी रॉकी राणा और हेमंत यादव कार पर शाहपुर गढ़ी के जंगल में गश्त कर रहे थे। श्मशान घाट के पास जंगल में कुत्तों को भौंकने की आवाज सुनी तो दोनों ने कार दूर रोक दी और दबे पांव मौके पर जा पहुंचे। बताया गया कि वहां एक स्कॉर्पियों कार खड़ी थी और पास ही चार-पांच युवक छुरे व अन्य हथियारों से मवेशियों को काट रहे थे।
रॉकी व हेमंत ने गांव वालों व पुलिस को इसकी जानकारी दी। कुछ देर बाद ग्रामीण वहां पहुंच गए। इसके बाद रॉकी व अन्य गांव वाले शोर मचाकर तस्करों की ओर दौड़ पड़े। खुद को घिरता देखकर आरोपी कार व अन्य सामान छोड़कर भाग निकले। सूचना पर पुलिस के आलाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
पुलिस जांच में कार से एक जींस पेंट के अलावा इंजेक्शन, छुरा व अन्य सामान बरामद हुआ। पास ही चार मवेशियों के अवशेष पड़े थे, जिन्हें पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।
कुत्तों के भौंकने से पता चला तस्करों का ठिकाना
स्थानीय लोगों ने बताया कि रात में कुत्तों के लगातार भौंकने से उन्हें तस्करों के अड्डे का पता चला। करीब दो सप्ताह पहले जंगल जाने पर वहां खून और मवेशियों के अवशेष मिले थे। जांच के दौरान पता चला कि तस्करों ने जंगल में कई जगहों पर अपना अड्डा बना रखा था।
लोगों का आरोप है कि पुलिस गश्त नहीं होने के कारण तस्करों ने अपने ठिकाने बना रखे हैं। इसके बाद उन्होंने खुद ही गश्त करने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि अब तक तस्कर करीब दो दर्जन मवेशियों को यहां काट चुके हैं, जिनके अवशेष मिल चुके हैं।